खुलेगा IPL के काले दिन का पूरा चिट्ठा !
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आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में निलंबित क्रिकेटर श्रीसंत, अजीत चंदीला, अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, छोटा शकील व दर्जनों बुकियों समेत 42 आरोपियों के खिलाफ शनिवार को अदालत फैसला सुना सकती है।
अदालत ने अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद 8 मई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। पटियाला हाउस अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नीना कृष्णा बंसल इस मामले में शनिवार को आरोपों पर फैसला सुना सकती हैं। दिल्ली पुलिस का आरोप है कि आरोपी संगठित अपराध सिंडीकेट के मेंबर हैं और मैच फिक्सिंग व सट्टा रैकेट में शामिल थे।
पुलिस ने आरोपों की पुष्टि के लिए मोबाइल फोन पर बातचीत की रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के तौर पर पेश किया था। अभियोजन की ओर से बहस करते हुए विशेष लोक अभियोजक राजीव मोहन ने कहा था।
मोबाइल का कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) से यह बात साबित करता है कि आरोपियों के बीच मैच फिक्सिंग द्वारा पैसा कमाने के लिए गठजोड़ था।
दाउद और छोटा शकील पर भी फैसला
बचाव पक्ष ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को खारिज करते हुए कहा था कि आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने के लिए कोई पर्याप्त साक्ष्य नहीं हैं।
आईपीएल स्पॉट फिक्सिंग मामले में दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने जांच के बाद छह हजार पन्नों की चार्जशीट पेश की थी। पुलिस ने इस मामले में 42 लोगों को आरोपी बनाया था। जिनमें से दाऊद, छोटा शकील समेत छह आरोपी फरार हैं। अदालत ने पुलिस के आवेदन पर दाऊद इब्राहिम व छोटा शकील को भगोड़ा घोषित कर दिया था।
अदालत ने मकोका मामले में पर्याप्त साक्ष्य न होने के मद्देनजर श्रीसंत, अंकित व अन्य आरोपियों को 10 जून 2013 को जमानत प्रदान कर दी थी। इसके बाद अजीत चंदीला व अन्य आरोपियों को जमानत दी थी।
ईडी भी कस चुका है शिकंजा
प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को आईपीएल में सट्टेबाजी सिंडिकेट से जुड़े हवाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली, मुंबई तथा जयपुर समेत कई जगह छापे मारे। इस दौरान दिल्ली के एक संदिग्ध सट्टेबाज को गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, आरोपी मुकेश शर्मा को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिग एक्ट (पीएमएलए) के तहत पकड़ा गया है। ट्राजिट रिमांड के लिए उसे शनिवार को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा।
इसके बाद जांच टीम उसे अपने साथ अहमदाबाद ले जाएगी। बताया जा रहा है कि इस जांच का लक्ष्य इंडियन प्रीमियर लीग के मैचों में सट्टा लगाने वाले बड़े सूत्रों तक पहुंचना था। इस मामले की जांच अहमदाबाद ऑफिस कर रहा है।
दिल्ली भी फिक्सिंग की जद में
शुक्रवार को 30 अधिकारियों की टीम ने स्थानीय कार्यालयों के सहयोग से कार्रवाई की। जांच के दायरे में ठाणे और गुड़गांव की कुछ जगहें भी रहीं। जांच दल ने आठ परिसरों की तलाशी ली। इस बीच किसी को अंदर जाने या बाहर आने नहीं दिया जा रहा था।
जांच एजेंसी ने 10 मई को भी इसी तरह के छापे मारे थे। तब की कार्रवाई प्रमुख रूप से दिल्ली और उसके पास-पास के क्षेत्रों तक सीमित थी। इसमें दिल्ली के दो सट्टेबाजों को गिरफ्तार कर 26 लाख रुपये, मोबाइल, हार्ड ड्राइव आदि बरामद किए गए थे।
मुकेश शर्मा पर आरोप है कि वह एक अमेरिका आधारित वेबसाइट संचालित कर रहा था। आईपीएल के दौरान इस वेबसाइट पर सट्टा लगाया जाता था। देश में इसके 50 लाख अवैध यूजर्स थे।