ग्रैंड मस्ती के टीवी प्रसारण पर आज होगा फैसला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बॉलीवुड फिल्म ग्रेंड मस्ती को टीवी पर दिखाने के निर्णय के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में फिल्म को केंद्रीय बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन सीबीएफसी द्वारा दिए सर्टिफिकेट को रद करने का आग्रह किया गया है।
याचिका में आरोप लगाया गया है कि फिल्म में दोहरे अर्थ वाले डायलॉग हैं और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया है, जिससे समाज खासकर बच्चों पर इसका बुरा असर पड़ेगा।
न्यायमूर्ति बीडी अहमद व संजीव सचदेव की खंडपीठ के समक्ष अधिवक्ता गौरव कुमार बंसल ने कहा कि 22 अगस्त को फिल्म एक टीवी चैनल पर दिखाई जानी है।
बच्चों पर पड़ेगा बुरा असर
ऐसे में इस मामले में जल्दी सुनवाई होनी चाहिए। अदालत ने याची के तर्क पर सहमति जताते हुए यदि फिल्म से बच्चों पर बुरा असर पड़ सकता है तो यह मामला गंभीर है और इस पर जल्द सुनवाई की जाना जरूरी है।
खंडपीठ ने मामले की सुनवाई 21 अगस्त तय की है। यह याचिका 60 वर्षीय इदारा गोपीचंद ने दायर की है। याचिका में सूचना एवं जनसंचार मंत्रालय से सीबीएफसी द्वारा फिल्म को सर्टिफिकेट देने की जांच करवाने की मांग की गई है।
याचिकाकर्ता का दावा है कि इस फिल्म यू/यूए सर्टिफिकेट दिया गया है और इस फिल्म को नियमों के अनुसार इसे चैनल नहीं दिखा सकते हैं।