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कॉल सेंटर लूटने आई 'पंजाब पुलिस' की क्राइम ब्रांच

Wed, 10 Feb 2016 10:18 AM IST
Updated Wed, 10 Feb 2016 10:18 AM IST
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To rob call center came 'Punjab Police's Crime Branch team

जेल से छूटने के एक माह बाद ही एक बदमाश ने तीन साथियों के साथ मिलकर मंगलवार को लूट करने के लिए सेक्टर-63 स्थित कॉल सेंटर पर धावा बोला।

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बदमाशों ने खुद को पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम बताया। डीएसपी डॉ. अनूप फेस-3 पुलिस और सेक्टर-58 पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बुलंदशहर जिले के बदमाश को गिरफ्तार कर लिया, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए।
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सेक्टर- 63 के डी-242 में काफी कंपनियां हैं। इनमें से एक कॉल सेंटर पर शाम पांच बजे चार लोग पहुंचे। खुद को पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया।
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कॉल सेंटर को फर्जी बता सभी कर्मचारियों को बंधक बना लिया

To rob call center came 'Punjab Police's Crime Branch team

कॉल सेंटर को फर्जी बताते हुए सभी कर्मचारियों को बंधक बना लिया। वह कॉल सेंटर संचालकों से पैसे की मांग करने लगे। इसकी जानकारी बिल्डिंग मालिक वैभव सिंघल को हुई।


उन्होंने चारों से पूछताछ की, जिसमें उनके पुलिसकर्मी होने पर शक हुआ। उन्होंने विरोध किया तो चारों ने उनकी पिटाई कर लूटपाट का प्रयास किया। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उनमें से लखावटी, बुलंदशहर निवासी सोमवीर सिंह को दबोच लिया।

गिरोह सरगना सोमवीर सिंह ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की। उसने खुद को पंजाब पुलिस की क्राइम ब्रांच का सब इंस्पेक्टर बताया। डीएसपी को शक होने पर उन्होंने सख्ती से पूछताछ की तब जाकर खुलासा हुआ। तलाशी लेने पर उसके पास से पिस्टल और पंजाब पुलिस का फर्जी आई कार्ड बरामद हुआ। तीन बदमाश फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में दबिश दे रही है।

50 लाख की फिरौती वसूली थी

To rob call center came 'Punjab Police's Crime Branch team

लखावटी औरंगाबाद निवासी सोमवीर सिंह (26) शातिर बदमाश है। उसने 13 अप्रैल 2013 को एमिटी छात्र आकाश अग्रवाल का अपहरण किया था। 50 लाख की फिरौती लेने के बाद आकाश को छोड़ा था।

यह डील गाजियाबाद में हुई थी। हालांकि 30 घंटे बाद ही पुलिस ने सोमवीर और उसके साथियों को पकड़ लिया था। सोमवीर तभी से जेल में था। वह इस साल 8 जनवरी को जेल से छूट कर बाहर निकला।

सोमवीर से मिले पहचान पत्र पर पंजाब पुलिस लिखा था, मगर बदमाश ने वर्दी उत्तर प्रदेश पुलिस की पहनकर फोटो खिंचवा रखी है। यह देखते ही अधिकारियों को उसके फर्जी पुलिस वाले होने का शक हो गया। अब पुलिस पता करने में जुटी है कि सोमवीर के पास वर्दी और पिस्टल कहां से आई है।

साहिबाबाद में डालने थी बैंक डकैती

To rob call center came 'Punjab Police's Crime Branch team

पुलिस ने बताया कि सोमवीर के साथ सतीश नागर, नदीम और एक अन्य बदमाश था जो फरार हो गए। सोमवीर ने पुलिस को बताया कि दो-तीन दिन में शालीमार गार्डन, साहिबाबाद स्थित पंजाब नेशनल बैंक में डकैती डालने वाले थे।

उसने वहां तैनात एक सुरक्षाकर्मी से टाई अप कर रखा था। डकैती की साजिश बनाने में वह सुरक्षा गार्ड भी साथ था।

पुलिस के मुताबिक सही वक्त पर फोर्स मौके पर पहुंच गई, जिससे गिरोह के मुखिया को दबोच लिया गया। फोर्स में तैनात सिपाहियों ने बहादुरी का परिचय दिया है। फरार तीन बदमाशों की तलाश की जा रही है।

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