गौतम गंभीर के खिलाफ आतिशी की शिकायत पर फैसला सुरक्षित
अदालत ने पूर्वी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र से आप की उम्मीदवार आतिशी मर्लिना की शिकायत पर भाजपा उम्मीदवार गौतम गंभीर को समन करने व चुनाव कार्यालय का रिकार्ड मंगाने के मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया।
आतिशी ने भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ शिकायत करते हुए उसके पास दो वोटर कार्ड होने का आरोप लगाया है। मर्लिना का कहना है कि गंभीर के पास करोल बाग व राजेंद्र नगर से जारी दो मतदाता पहचान पत्र हैं। इसकी जांच की जानी चाहिए।
तीस हजारी अदालत के महानगर दंडाधिकारी विप्लब डबास ने आतिशी की शिकायत पर सोमवार को फैसला 13 मई तक सुरक्षित रख लिया। अगली तारीख पर इस पर फैसला होगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी।
कोर्ट के समक्ष आतिशी की ओर से बहस करते हुए अधिवक्ता ऋषिकेश कुमार ने कहा कि कोई भी शख्स दो वोटर कार्ड नहीं रख सकता। अगर किसी के पास दो वोटर कार्ड हैं तो यह अपराध है। पहले वोटर काड को रद कराए बिना दूसरा कार्ड जारी नहीं हो सकता।
अगर किसी ने दो वोटर कार्ड बनाए हैं तो यह बिना जानकारी छिपाए और झूठी जानकारी दिए बिना नहीं किया जा सकता। इसके अलावा गंभीर ने अपने चुनाव नामांकन में भी गलत व झूठी जानकारी दी है। यह भारतीय जन प्रतिनिधि कानून के तहत अपराध है।
शिकायतकर्ता के वकील ने कहा कि अगर अदालत चाहे तो वह पुलिस को इस केस की जांच का निर्देश दे सकती है। अगर अदालत ऐसा न करे तो वह शिकायतकर्ता का बयान दर्ज कर चुनाव अधिकारियों को तलब कर संबंधित रिकार्ड मंगा सकती है।
अदालत ने पूछा कि इस मामले में आतिशी को शिकायत करने का क्या अधिकार है। इसके जवाब अधिवक्ता इरशाद खान ने कहा कि यह अपराधिक मामला है और इसमें कोई शख्स शिकायत कर सकता है। ऐसा ही सुनीता केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल के मामले में हुआ है।
उस मामले में अदालत चुनाव अधिकारियों से रिकार्ड मंगवा चुकी है। आप उम्मीदवार आतिशी ने अधिवक्ता इरशाद खान के जरिए शिकायत दायर कर कहा है कि कोई भी मतदाता एक समय में केवल स्थान से ही मतदाता हो सकता है और उसका नाम एक ही मतदाता सूची में दर्ज हो सकता है।