तिरुपति लड्डू विवाद: पूर्व TTD चेयरमैन को दिल्ली हाईकोर्ट ने से झटका, मानहानि केस में अंतरिम राहत से इनकार
हाईकोर्ट ने टीटीडी के पूर्व चेयरमैन व उनकी पत्नी की मानहानि याचिका पर मीडिया संगठनों के खिलाफ अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। न्यायमूर्ति अमित बंसल की एकल पीठ ने कहा कि मीडिया प्रकाशनों पर पूर्व प्रतिबंध केवल असाधारण परिस्थितियों में ही लगाया जा सकता है।
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दिल्ली हाईकोर्ट ने तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम के पूर्व चेयरमैन और वाइएसआरसीपी नेता येर्रम वेंकट सुब्बा रेड्डी तथा उनकी पत्नी की मानहानि याचिका में मीडिया संगठनों पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। न्यायमूर्ति अमित बंसल की एकल पीठ ने कहा कि मीडिया प्रकाशनों पर पूर्व प्रतिबंध केवल असाधारण परिस्थितियों में ही लगाया जा सकता है।
यह मामला तिरुपति लड्डू प्रसाद में कथित मिलावट के आरोपों से जुड़ा है। सुब्बा रेड्डी ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल (जून 2019 से अगस्त 2023) के दौरान घी खरीद में अनियमितताओं के मीडिया रिपोर्ट्स से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने उषोदया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड सहित कई मीडिया संस्थानों के खिलाफ मुकदमा दायर किया था और प्रकाशनों पर तत्काल रोक की मांग की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अंतरिम आदेश के लिए जरूरी शर्तें तत्काल खतरा, अपूरणीय क्षति और मजबूत प्रथम दृष्टया मामला पूरी नहीं होतीं।
पीठ ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता (अनुच्छेद 19(1)(ए)) और प्रतिष्ठा के अधिकार (अनुच्छेद 21) के बीच संतुलन पर जोर दिया। हालांकि, कोर्ट ने मीडिया को चेतावनी दी कि भविष्य के प्रकाशन कोर्ट की जांच के दायरे में रहेंगे और गलत रिपोर्टिंग पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 29 जनवरी को होगी, जब प्रतिवादियों की दलीलें सुनी जाएंगी।