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लॉकडाउन : बैंक में जमा चेक की मियाद हुई समाप्त, हाईकोर्ट ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण
Mon, 01 Jun 2020 06:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 01 Jun 2020 06:49 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
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हाईकोर्ट ने कोरोना की वजह से बैंक का कामकाज बंद होने के कारण चेक की मियाद समाप्त होने के मुद्दे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। इस मुद्दे की गंभीरता को देखते हुए पीठ ने रिजर्व बैंक की राय मांगी है।
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न्यायमूर्ति जयंत नाथ की पीठ ने अभिनव चावला नामक एक शख्स की ओर से दायर याचिका पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये सुनवाई की। याचिका में शख्स ने कहा कि कोविड-19 महामारी घोषित होने के बाद बैंक का कामकाज बंद हो गया था और उनके 10 लाख रुपये के एक चेक की मियाद समाप्त हो गई।
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याची के वकील अधीश श्रीवास्तव ने कहा कि चूंकि चेक को समय पर ही बैंक में जमा करा दिया गया था, इसलिए अगर बैंक इसको भुना नहीं पाया तो इसके लिए जमाकर्ता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। याचिकाकर्ता ने कहा कि रिजर्व बैंक या वित्त मंत्रालय ने इस तरह की स्थिति से निपटने के लिए कोई दिशा निर्देश जारी नहीं किया है।
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इस मामले में रिजर्व बैंक ने वैधानिक प्रावधान होने की वजह से इस बारे में कुछ भी नहीं कर पाने की बात कही। हालांकि अब हाईकोर्ट ने उससे जवाब मांगा है।