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टिकैत ने कहा- किसानों की एकता तोड़ना चाहती है सरकार, आज घेरेंगे कलैक्ट्रेट

Mon, 14 Dec 2020 05:17 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, साहिबाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 14 Dec 2020 05:17 AM IST
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Tikait said - Government wants to break the unity of farmers, will talk only on the return of laws
Rakesh Tikait

भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने हाईवे पर सभा को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग को सरकार सुन नहीं रही है। आंदोलन लंबा होता जा रहा है, ऐसे में अब सरकार को गोला लाठी देने का समय आ गया है। उन्होंने किसानों से कृषि यंत्रों को लेकर यूपी गेट पहुंचने का आह्वान किया। कहा कि किसान सरकार से बातचीत करने को तैयार हैं, लेकिन बात सिर्फ कृषि कानूनों को वापस लेने पर होगी।

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रविवार सुबह धरनास्थल पर किसानों ने पूजा पाठ किया। इसके बाद सभी किसान दिल्ली- मेरठ एक्सप्रेसवे पर चल रहे धरने पर एकत्रित हुए। सुबह करीब 11 बजे किसानों ने पैदल मार्च निकाला। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। हालांकि किसानों का मार्च शांतिपूर्वक रहा। मार्च के बाद किसान एक्सप्रेसवे पर बैठ गए। जिसके बाद भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार को गोला लाठी की जरूरत है। जिला मुख्यालय घेराव कार्यक्रम के बाद किसान कृषि यंत्रों के साथ गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे। 
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राकेश टिकैत ने कहा कि सोमवार को देशभर में ऐतिहासिक प्रदर्शन होगा। जो किसान व्यस्त हैं या साधन के कारण नही आ पा रहे हैं वह सब स्थानीय स्तर पर  प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसान की एकजुटता को सरकार तोड़ना चाहती है, किसान यह जान चुका है। यह आंदोलन एक ऐतिहासिक आंदोलन है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थित तरीके और संयम से आंदोलन को आगे बढ़ाना है। इस आंदोलन से किसानों की युवा पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिल रहा है। 
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उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे किसानों का आंदोलन आगे बढ़ रहा है। कई अन्य संगठन भी समर्थन में आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि शनिवार को वकीलों ने अपना समर्थन दिया था। आज बाल्मीकि समाज के लोगों ने अपना समर्थन दिया है। सिख समाज के लोग बढ़ चढ़कर किसानों का समर्थन कर रहे है। एकजुट होकर हम अपनी लड़ाई लड़ेंगे और कृषि कानून को वापस किए बिना नहीं लौटेंगे। 

किसान वार्ता को तैयार पर सिर्फ कृषि कानूनों की वापसी पर
राकेश टिकैत ने कहा कि अब तक कई दौर की हुई वार्ता में सरकार किसानों के मुख्य मुद्दे पर बात न कर इधर -उधर की बातें ज्यादा करती रही। बार-बार किसानों को मुद्दे से भटकाती रही, इसलिए वार्ता का कोई हल नहीं निकल सका। उन्होंने कहा कि किसान सरकार से आज भी वार्ता करने को तैयार हैं, लेकिन अब सिर्फ कृषि कानूनों को वापस लेने के मुद्दे पर ही बात होगी।

आज किसान घेरेंगे कलक्ट्रेट, यूपी गेट पर अनशन पर बैठेंगे टिकैत

कृषि कानूनों के विरोध में सोमवार को किसान जिला मुख्यालय का घेराव करके अपना विरोध जाहिर करेंगे। किसान प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाएंगे। इस दौरान किसानों की तरफ से प्रधानमंत्री के नाम डीएम को ज्ञापन सौंपा जाएगा। रविवार को किसान संगठनों की तरफ से गांव में रुके किसानों से अपने-अपने जिला मुख्यालय का घेराव करने का आह्वान किया गया। इसके साथ ही किसान यूनियन के पदाधिकारी यूपी गेट पर कृषि कानूनों के विरोध में एक दिन के अनशन पर भी बैठेंगे। भाकियू नेता राकेश टिकैत अनशन का नेतृत्व करेंगे।

कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठन दिल्ली यूपी सीमा बैठकर 17 दिनों से अपना विरोध जता रहे हैं। आठ दिसंबर को किसानों ने भारत बंद किया था। इसके बाद 12 दिसंबर को टोल फ्री कर अपना विरोध जाहिर किया था। अब किसान 14 दिसंबर को देश भर में सभी जिलों पर डीएम कार्यालय का घेराव करेंगे। किसान संगठनों की तरफ से गांव के किसानों से आह्वान किया गया कि वह भारी संख्या में जिला कार्यालय पहुंच कर धरना प्रदर्शन करे। किसान प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर कृषि कानून को वापस लेने की मांग करेंगे। सभी किसान यूनियन की जिला और प्रदेश की इकाइयां अपने इस आंदोलन को मजबूत करने में लग गई है। गांव में संपर्क कर सभी किसानों को जिम्मेदारी सौंपी जा रही है। यूपी गेट पर रविवार को कई किसान नेता अलग -अलग टोलियों में घेराव कार्यक्रम को सफल बनाने की रणनीति बनाते देखे गए।

टिकैत के नेतृत्व में आज अनशन
भाकियू के मीडिया प्रभारी ने बताया कि रविवार शाम सिंघु बॉर्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई जिसमें आंदोलन को और मजबूत बनाने की रणनीति तय की गई।  साथ ही यह तय हुआ कि अब किसान अनशन भी शुरू करेंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार को भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत सुबह 8 बजे से पांच बजे तक एक दिन के अनशन पर बैठेंगे। उनके साथ और भी किसान शामिल होंगे।

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