ओवर क्राउड हुई तिहाड़ जेल, पहली बार बना ये रिकॉर्ड
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तिहाड़ जेल में पहली बार ऐसा हुआ है कि कैदियों की संख्या साढ़े चौदह हजार से अधिक हो गई है। तिहाड़ जेल प्रशासन का दावा है कि अभी तक तिहाड़ में कैदियों की संख्या अधिक से अधिक 13 हजार तक पहुंची है।
कैदियों की भीड़ को कम करने के लिए मंडोली जेल का जल्द आगाज कराने का अनुरोध पत्र में किया जाएगा, जो कि अपने निर्धारित समय से विलंब चल रहा है।
जेल की इस दशा को लेकर अधिकारियों ने दिल्ली सरकार और उपराज्यपाल का दरवाजा खटखटाने की तैयारी की है।
यहां दो गुने से ज्यादा हैं कैदी
जेल में स्थिति यह है कि एक-एक वार्ड में एक साथ अनेक कैदियों को मजबूरन रखा जा रहा है। जबकि ऐसी ही स्थिति रोहिणी जेल की भी है। गर्मी के मौसम में जेल प्रशासन की चिंता बढ़ गई है।
जेल अधिकारियों का कहना है कि तिहाड़ और रोहिणी में क्षमता से दोगुने से अधिक कैदी हैं। रोजाना कैदियों की तादाद बढ़ने से उन्हें रखने में दिक्कतें आ रही है।
दिल्ली के बापरौला और नरेला में भी जेल बनाए जाने की योजना है, लेकिन अभी तक यह शुरू नहीं हो सकी है। तिहाड़ जेल की क्षमता करीब 6250 कैदियों की है।
उपराज्यपाल को चिट्ठी
तिहाड़ जेल के प्रवक्ता सुनील गुप्ता ने बताया कि पहली बार तिहाड़ जेल में कैदियों की संख्या साढ़े चौदह हजार से अधिक पहुंच गई है। अभी तक इतनी अधिक संख्या कभी भी कैदियों की नहीं हुई थी।
दिल्ली के उपराज्यपाल को जल्द चिट्ठी लिखकर मंडोली में जल्द से जल्द जेल का शुभारंभ कराने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि यहां से कैदियों को स्थानांतरित करने का कार्य शुरू हो सके।