बेरोजगार से ठगी: फर्जी दरोगा बनकर नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख ऐंठे, कार भी नहीं लौटाई, वर्दी पहन गया था जालसाज
गौतमबुद्धनगर के दादरी इलाके में पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर ठग एक युवक से तीन लाख रुपये और उसकी कार भी ले गया। मामले की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
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गौतमबुद्धनगर के दादरी कोतवाली क्षेत्र में फर्जी दरोगा बनकर पुलिस की नौकरी दिलाने के नाम पर तीन लाख की ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने पीड़ित की कार भी वापस नहीं की। मामले की तहरीर कोतवाली में दी गई है। पुलिस ने इसे गाड़ी के लेनदेन का मामला बताते हुए जांच कर कार्रवाई करने की बात कही है।
कोतवाली दादरी क्षेत्र के मोहल्ला ब्रह्मपुरी निवासी सौरभ वत्स बिल्डर है। कुछ समय पहले शाहबेरी में उसकी साइट पर एक व्यक्ति दरोगा की वर्दी पहनकर पहुंचा। दरोगा ने अपना नाम राशिद बताया था। आरोप है कि राशिद ने सौरभ से फौरन काम बंद कराने के लिए कहा। काम चालू रखने के एवज में उससे पांच हजार की वसूली की। उसके बाद राशिद लगातार उसके पास आता जाता रहा। इस बीच उसने पुलिस में नौकरी लगाने की बात कही। नौकरी के एवज में 16 लाख रुपये की मांग की।
ठग ने रुपये लौटाने की मांग पर तीस हजार रुपये खाते में किेए ट्रांसफर
सौरभ वत्स का आरोप है कि करीब दो माह पहले भतीजे की पुलिस में नौकरी लगाने के लिए तीन लाख रुपये आरोपी को दिए थे। एक माह में नौकरी नहीं लगने पर राशिद से तीन लाख रुपये वापस मांगे। राशिद ने तीस हजार रुपये सौरभ वत्स के खाते में ट्रांसफर कर दिए। आरोप है कि राशिद घूमने के लिए सौरभ की कार ले गया।
इसके बाद सौरभ ने कार को वापस मांगा तो राशिद ने कहा उसने कार पर 90 हजार रुपये खर्च किए हैं। राशिद ने रकम लौटाने पर कार देने की बात कही। कार और नौकरी के लिए दी गई रकम वापस नहीं मिलने पर पीड़ित ने दादरी कोतवाली में तहरीर दी है। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार कहा है कि मामला गाड़ी के लेनदेन का है। आरोपी की वर्दी वाली तस्वीर उन्हें दिखाई गई है जिसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी।