गले के संक्रमण का बढ़ रहा खतरा, जानिए बचने के उपाय
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बदलते मौसम की वजह से इन दिनों गले में संक्रमण की शिकायत बढ़ रही है। मौसम में हो रहे बदलाव के कारण शरीर का तापमान बढ़ जाता है और इससे शरीर में दर्द और सुस्ती रहती है।
ऐसा इसलिए भी हो रहा है कि लोग अचानक से एयर कंडीशन से धूप और फिर धूप से अचानक एयर कंडीशन में आते हैं। दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल के ईएनटी विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ. सौरव जैन ने बताया कि जब मौसम में परिवर्तन आता है तब गले में संक्रमण की शिकायत आती है।
सर्दी से गर्मी और गर्मी से सर्दी में अचानक से आने-जाने और ठंडा पानी पीने से सबसे ज्यादा गले में ही संक्रमण का खतरा रहता है।
गले में संक्रमण आमतौर पर चार से पांच दिन में ठीक हो जाता है लेकिन यदि इससे ज्यादा दिन तक संक्रमण रहता है तब डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
क्या करें उपाय
कई बार ऐसी स्थिति में मरीज को पैरासीटामॉल, सेट्रिजीन जैसी दवा की आवश्यकता होती है। हालांकि यदि सिर्फ गले में संक्रमण हो तो गुनगुने पानी में नमक डालकर गरारा करना चाहिए। इससे भी आराम मिलता है।
भगवान महावीर अस्पताल के शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अमन प्रताप सिंह का कहना है कि यदि बच्चों के गले में तीन-चार दिन से ज्यादा संक्रमण रहता है और गले में गिल्टी जैसी स्थिति बन रही है तो फौरन डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
कई बार लोग इसे वायरल संक्रमण मान कर इलाज नहीं कराते। ऐसी स्थिति में डिप्थीरिया जैसी खतरनाक बीमारी का भी खतरा रहता है। इस मौसम में ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए और अचानक एसी से धूप और धूप से एसी में नहीं आना चाहिए।