3 साल केजरीवालः ना मोदी, ना विवाद 1 घंटे के भाषण में सिर्फ विकास पर बोले केजरीवाल
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कभी मोदी पर जमकर हमला बोलने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के तीन साल पूरे होने पर उनका एक बार भी नाम नहीं लिया। तीन साल के कामकाज का हिसाब देते हुए वह कई बार योजनाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप व अड़चनों की जिक्र तो किया लेकिन एलजी से आगे नहीं बढ़े।
वह तीन साल में विवादित विधायकों, मंत्रियों और खुद के आरोपों पर भी ना तो कोई सफाई दी ना ही किसी पर निजी हमला किया। केजरीवाल का भाषण सिर्फ विकास की दिशा में आगे बढ़ा।
केजरीवाल ने अपने भाषण में आगामी बजट की झलक दी तो 20 विधायकों के अयोग्य होने के बाद उपचुनावों की संभावनाओं को देखते हुए अपने कोर मतदाताओं को ध्यान में रखकर योजनाओं की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आगामी बजट में शिक्षा और स्वास्थ्य ऐसे ही रहेगा।
पायलट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है
इसके अलावा उनका लक्ष्य अनाधिकृत कॉलोनियों में सड़क, पानी की पाइप लाइन व पक्की नाली व सीवरेज के लिए अलग से बजट देंगे। इसके अलावा झुग्गीवालों को आसपास मकान मिलेगा इसके लिए चार जगहों पर पायलट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। पार्क की देखभाल की जिम्मेदारी आरडब्ल्यूए को देंगे। इसके लिए बजट बढ़ाएंगे।
केजरीवाल ने अपने एक घंटे के भाषण में सिर्फ तीन साल के अपने कामकाज व अगले दो साल में क्या करेंगे इस पर फोकस किया। बीते तीन सालों में सत्ता में आने के बाद विधायक के फर्जी डिग्री का मामला हो या फिर 20 विधायकों के अयोग्य करार देने वाला फैसला।
इस पर ना तो उन्होंने कोई सफाई दी ना ही किसी भी सीधे कोई आरोप लगाएं। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि उनके विधायकों को झूठे मामलों में फंसाकर जेल भेजा गया। उनके मंत्रियों सतेंद्र जैन, मनीष सिसोदिया पर केस दर्ज हुए। उनके कार्यालय में सीबीआई की छापेमारी की गई लेकिन एक बार भी मोदी का नाम नहीं लिया।