तो क्या मोदी के फरमान को अनदेखा करेंगे ये मंत्री!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरियाणा में अक्तूबर में होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की सूची जारी नहीं की है पर गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र के अंदर वाली तीन सीटों के लिए जिन नामों की चर्चा है उससे पार्टी के भीतर विरोध के स्वर तेज हो सकते हैं।
अंग्रेजी वेबसाइट टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार हरियाणा में विधानसभा चुनाव को लेकर उठापटक तेज होते ही ये चर्चा जोरों पर है कि बीजेपी भी परिवारवाद पर चलते हुए अपने तीन सांसदों के परिवार वालों को तीन सीटों पर लड़वाने वाली है।
आरती राव, पद्मिनी सिंह और अरिंदम बिल्लू के चुनाव लड़ने की अफवाहों के चलते बीजेपी एक बार फिर पार्टी कार्यकर्ताओं के निशाने पर आ गई है।
इन तीन मंत्रियों के रिश्तेदार लड़ सकते हैं चुनाव
सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि ये तीनों ही हरियाणा विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी की तरफ से टिकट दावेदारों की लिस्ट में शामिल हैं। आरती राव जो केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह की छोटी बेटी हैं,जो लोकसभा चुनाव से पहले फरवरी में कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गए थे।
सूत्रों का कहना है कि पद्मिनी सिंह केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की भतीजी हैं। वहीं अरिदमन बिल्लू केंद्रीय मंत्री और पूर्व आर्मी चीफ जनरल वीके सिंह के साले हैं।
अगर इस खबर में सच्चाई हुई और पार्टी ने इन तीनों को टिकट दिया तो भाजपा अपनी नीतियों के विरुद्ध काम करेगी, जिसमें वो कहती है कि परिवारवाद के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।
प्रधानमंत्री का पद संभालने के बाद मोदी ने यह फरमान भी जारी किया था कि किसी भी मंत्री के रिश्तेदार के लिए पार्टी में जगह नहीं है। कयास लगाए जा रहे हैं कि आरती राव रेवाड़ी, पद्मिनी सिंह गुड़गांव और बिल्लू सोहना से चुनाव लड़ सकते हैं।
दिलचस्प बात है कि बिल्लू ने तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के संग वाले पोस्टर और होर्डिंग सोहना की सड़कों पर लगवा दिए हैं। सोहना, रेवाड़ी और गुड़गांव तीनों विधानसभा सीटें गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र के अंदर आती हैं, जिसके सांसद राव इंद्रजीत सिंह हैं।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि अगर इन तीनों के नाम फाइनल लिस्ट में घोषित हुए तो पार्टी में विद्रोह के स्वर उठना तय है जो एक बड़े कलह का भी रूप ले सकता है।