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कोरोना से बचावः तिहाड़ से छोड़े जाएंगे 3 हजार कैदी, कइयों को मिल सकती है पेरोल व फरलो
Tue, 24 Mar 2020 01:14 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 24 Mar 2020 01:14 AM IST
सार
-विशेष पेरोल देकर जेल में भीड़ कम करेगी दिल्ली सरकार
- हाईकोर्ट में दायर याचिका पर दिल्ली सरकार ने दी जानकारी
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तिहाड़ जेल
- फोटो : Social Media
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विस्तार
कोरोना संक्रमण को ध्यान में रखते हुए जेलों में भीड़ कम करने के लिए सजायाफ्ता कैदियों को विशेष पेरोल व फरलो दी जाएगी। यह जानकारी सोमवार को दिल्ली सरकार की ओर से हाईकोट को दी गई। न्यायमूर्ति हीमा कोहली व न्यायमूर्ति सुब्रामोनियम प्रसाद की खंडपीठ के समक्ष दिल्ली सरकार के अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ता अनुज अग्रवाल ने कहा कि कैदियों को विशेष पेरोल व फरलो की सुविधा देने के लिए जेल नियमों में बदलाव करने जा रही है। नए प्रावधानों को जेल नियमों में शामिल करने के लिए सरकार मंगलवार तक अधिसूचना जारी कर देगी।
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खंडपीठ ने दिल्ली सरकार के बयान पर संज्ञान लेते हुए इस प्रस्ताव को लागू करने के लिए कदम उठाने का निर्देश दिया है। हाईकोर्ट ने इसके साथ ही दो वकीलों की उस याचिका का निपटारा कर दिया जिसमें जेलों में भीड़ कम करने का निर्देश देने की मांग की गई थी ताकि कोरोना संक्रमण न फैले।
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दिल्ली सरकार के नए नियम के अनुसार आपात हालात तथा प्राकृतिक आपदा के समय एक कैदी को एक बार में 60 दिनों की पेरोल दी जाएगी। इसके अलावा ऐसे हालातों में तय समय के लिए फरलो देने पर दूसरे प्रावधान के तहत विचार किया जाएगा।
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तिहाड़ जेल से छोड़े जाएंगे तीन हजार कैदी
कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए तिहाड़ जेल से तीन हजार कैदी छोड़े जाएंगे। तिहाड़ जेल प्रशासन पंद्रह सौ सजायाफ्ता और पंद्रह सौ विचाराधीन कैदियों को तीन-चार दिन में जेल से रिहा करेगा।
तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि छोड़े जाने वाले कैदियों में वह कैदी शामिल नहीं हैं, जिनपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सजायाफ्ता पंद्रह सौ कैदियों को पेरोल या फिर फरलो पर जेल से बाहर जानेे की अनुमति दी जाएगी। वहीं पंद्रह सौ ऐसे कैदी हैं जिनका मामला अदालत में लंबित है और वह हल्के अपराध में संलिप्त हैं। ऐसे कैदियों को अंतरिम जमानत दी जाएगी।
महानिदेशक ने बताया कि यह फैसला कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर जेल में भीड़ को कम करने के लिए लिया गया है। अभी तक तिहाड़ में कोई भी संक्रमित कैदी सामने नहीं आया है। तिहाड़ जेल में आने वाले नये कैदियों की जांच के बाद उन्हें तीन दिनों तक अन्य कैदियों से अलग रखा जाता है। खासकर विदेशी कैदियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जेल में इसके लिए अलग से आइसोलेशन सेल बनाया गया है और वहां डॉक्टर तैनात हैं।
तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि छोड़े जाने वाले कैदियों में वह कैदी शामिल नहीं हैं, जिनपर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। सजायाफ्ता पंद्रह सौ कैदियों को पेरोल या फिर फरलो पर जेल से बाहर जानेे की अनुमति दी जाएगी। वहीं पंद्रह सौ ऐसे कैदी हैं जिनका मामला अदालत में लंबित है और वह हल्के अपराध में संलिप्त हैं। ऐसे कैदियों को अंतरिम जमानत दी जाएगी।
महानिदेशक ने बताया कि यह फैसला कोरोना वायरस के खतरे के मद्देनजर जेल में भीड़ को कम करने के लिए लिया गया है। अभी तक तिहाड़ में कोई भी संक्रमित कैदी सामने नहीं आया है। तिहाड़ जेल में आने वाले नये कैदियों की जांच के बाद उन्हें तीन दिनों तक अन्य कैदियों से अलग रखा जाता है। खासकर विदेशी कैदियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। जेल में इसके लिए अलग से आइसोलेशन सेल बनाया गया है और वहां डॉक्टर तैनात हैं।