{"_id":"69cbdeb8bff274b14a0bdcd7","slug":"three-generations-created-the-legacy-of-the-banaras-gharana-in-unison-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-130336-2026-03-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: तीन पीढ़ियों ने एक सुर में रची बनारस घराने की विरासत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: तीन पीढ़ियों ने एक सुर में रची बनारस घराने की विरासत
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी के सांस्कृतिक परिदृश्य में मंगलवार की शाम शास्त्रीय संगीत की मधुरता और परंपरा की गहराई से सराबोर रही, जब एचसीएल कंसर्ट्स के मंच पर द इकोज ऑफ बनारस कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस विशेष संध्या की सबसे बड़ी खासियत रही बनारस घराने की तीन पीढ़ियों का एक साथ मंच साझा करना, जिसने दर्शकों को विरासत और निरंतरता का दुर्लभ अनुभव दिया। प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना के नेतृत्व में उनके पुत्र राजेश और रितेश प्रसन्ना तथा पौत्र रिशाल प्रसन्ना ने सामूहिक प्रस्तुति दी। एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के इस संगम ने न केवल संगीत की परंपरा को जीवंत किया, बल्कि यह भी दिखाया कि कला किस तरह समय के साथ विकसित होते हुए अपनी जड़ों से जुड़ी रहती है। प्रस्तुति के दौरान बांसुरी की मधुर तान और बनारस घराने की विशिष्ट शैली ने श्रोताओं को एक आत्मीय और आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया।
विज्ञापन
नई दिल्ली। राजधानी के सांस्कृतिक परिदृश्य में मंगलवार की शाम शास्त्रीय संगीत की मधुरता और परंपरा की गहराई से सराबोर रही, जब एचसीएल कंसर्ट्स के मंच पर द इकोज ऑफ बनारस कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस विशेष संध्या की सबसे बड़ी खासियत रही बनारस घराने की तीन पीढ़ियों का एक साथ मंच साझा करना, जिसने दर्शकों को विरासत और निरंतरता का दुर्लभ अनुभव दिया। प्रसिद्ध बांसुरी वादक पंडित राजेंद्र प्रसन्ना के नेतृत्व में उनके पुत्र राजेश और रितेश प्रसन्ना तथा पौत्र रिशाल प्रसन्ना ने सामूहिक प्रस्तुति दी। एक ही परिवार की तीन पीढ़ियों के इस संगम ने न केवल संगीत की परंपरा को जीवंत किया, बल्कि यह भी दिखाया कि कला किस तरह समय के साथ विकसित होते हुए अपनी जड़ों से जुड़ी रहती है। प्रस्तुति के दौरान बांसुरी की मधुर तान और बनारस घराने की विशिष्ट शैली ने श्रोताओं को एक आत्मीय और आध्यात्मिक अनुभव से भर दिया।