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27 दरिंदों की हैवानियत की शिकार बनीं मासूम की ये हैं तीन सच्चाईयां

Tue, 08 Sep 2015 04:03 PM IST
Updated Tue, 08 Sep 2015 04:03 PM IST
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three facts in minor rape by 27 in jaipur case

दिल्ली के मंगोलपुरी की रहने वाली 17 वर्षीय युवती से जयपुर में 27 लोगों द्वारा रेप मामले में ये बात सामने आई है कि कैसे उसकी तस्करी की गई थी और किस मजबूरी में वो दिल्ली जाने को तैयार हो गई थी।

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गौरतलब है कि लड़की को एक दंपति ने बहुराष्ट्रीय कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी दिलाने के लिए जयपुर ले गए, जहां उसे बेच दिया गया। बता दें कि पीड़िता इतनी आसानी से जयपुर जाने के लिए नहीं मानी थी उसे बताया गया था कि उसे हर महीने 60000 रुपए की सैलरी मिलेगी।
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60 हजार सुनते ही किशोरी को लगा था कि उसकी सारी परेशानियां खत्म हो जाएंगी और वो अपने परिवार के दुखों को कुछ कम कर सकेगी लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ और उसे ऐसे हादसे से गुजरना पड़ा जो वो कभी नहीं भूल पाएगी।

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क्यों करना चाहती थी नौकरी

three facts in minor rape by 27 in jaipur case

17 वर्षीय पीड़िता जो नौकरी के ही भुलावे में जयपुर गई थी उसके नौकरी करने का कारण था कि उसके पिता जो एक दुकान चलाते हैं, काफी बीमार हैं और उसके भाई पिता का व्यापार संभाल रहे हैं।

जब पीड़िता के सामने 60 हजार रुपए प्रति माह का ऑफर आया तो वो इसलिए तैयार हो गई ताकि वो पिता का इलाज करा सके। उसे इसलिए कुछ भी गलत नहीं लगा क्योंकि जिस दंपति ने उसे नौकरी का झांसा दिया था उन्होंने कहा था कि वो एक एनजीओ चलाते हैं जो महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाती है।

जयपुर पहुंचकर पीड़िता को होटल इंद्रप्रस्थ के कमरा नंबर 406 में बंद कर दिया गया था जहां बारी-बारी से आकर ग्राहक उसका रेप करते थे। एक बार तो ऐसा भी हुआ कि उसे एक साथ 8-9 लोगों के साथ संबंध बनाने को कहा गया है।

कैसे भागने में हुई कामयाब

three facts in minor rape by 27 in jaipur case

पीड़िता के बयान के अनुसार जयपुर में होटल में एक पायल नाम की महिला थी जो पीड़िता को हर बार किसी ग्राहक के आने पर तैयार करती थी। और ग्राहक के चले जाने पर उसका कमरा लॉक कर देती थी।

31 अगस्त के दिन उसकी निगरानी में तैनात लोगों ने उसकी खिड़की खुली छोड़ दी थी जिसकी मदद से वह कूद कर भागने में कामयाब हुई।

वहां से निकलकर वह बस अड्डे पहुंची जहां से वह दिल्ली वापस आई। दिल्ली में धौला कुआं पहुंचकर उसने अपने भाई को फोन किया और अपनी आप बीती कह सुनाई।

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