तमिलनाडू प्रीमियर लीग पर चार करोड़ का लगा सट्टा, तीन गिरफ्तार
खास तरह के सॉफ्टवेयर से लगवा रहे थे सट्टा
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दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक खास तरह के सॉफ्टवेयर के जरिये तमिलनाडू प्रीमियर लीग पर सट्टा लगाने वाले गैंग का भांडाफोड़ दिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गैंग सरगना विनोद शर्मा और इसके दो साथी विकास चौधरी और मुकेश अग्रवाल के रूप में हुई है।
पुलिस की मानें तो पकड़ा गया आरोपी विनोद शर्मा ईडी द्वारा आईपीएल मैच फिक्सिंग मामले में पकड़े गए मुकेश शर्मा का सगा भाई है। फिलहाल पुलिस ने गैंग के पास से 13 मोबाइल फोन, तीन एलसीडी टीवी, दो लैपटॉप (जिनमें विशेष सॉफ्टवेयर मौजूद है) व अन्य सामान बरामद किया है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा ने बताया कि उनकी टीम को सूचना मिली थी कि आनंद विहार इलाके के एक फ्लैट में तमिलनाडू प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) पर हाईटेक सट्टा लगाया जा रहा है।
सूचना के बाद एसीपी संजय सहरावत, इंस्पेक्टर रितेश व अन्यों की टीम ने आनंद विहार के ए-4, राम विहार में छापा मारा। वहां से पुलिस ने तीन लोगों को सट्टा लगवाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी तमिलनाडू प्रीमियर लीग की करकडी और रूबी नामक टीमों पर सट्टा लगवा रहे थे।
छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि पकड़े जाने तक आरोपी कुल चार करोड़ रुपये का सट्टा फोन के जरिये बुक करवा चुके थे। इसमें ढाई करोड़ रुपये एक टीम पर सट्टा लग चुका था, जबकि डेढ़ करोड़ रुपये एक टीम पर लग चुका था। इनके पास से भारी मात्रा में सट्टा लगाने वाला सामान व उपकरण बरामद हुए हैं।
खास तरह के सॉफ्टवेयर से लगवा रहे थे सट्टा
छताछ के दौरान आरोपी विनोद ने बताया कि वह गैंग का सरगना है। उसने 40 से 45 हजार रुपये में एक साल के लिए एक विशेष तरह का सॉफ्टवेयर रखा था। इस सॉफ्टवेयर को लैपटॉप से जोड़ा गया था। इसकी मदद से सट्टा लगाने वाले का अगला-पिछला सारा रिकार्ड रहता था।
इंटरनेट के जरिये हर बॉल पर सॉफ्टवेयर खुद ही रेड को अपडेट कर देता था। सट्टा लगाने वालों की आवाज व उनके रेट आदि सभी उसमें रिकॉर्ड हो जाता था। सॉफ्टवेयर एक साल बाद अपने आप सारे रिकॉर्ड खत्म कर देता था। रिन्यू कराने पर सारा रिकॉर्ड सुरक्षित रहता था।
एक आरोपी मुकेश शर्मा का भाई
विनोद शर्मा ने बताया कि वह मुकेश शर्मा का सगा भाई है। मुकेश को पिछले दिनों ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आईपीएल मैच फिक्सिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। विनोद ही अपने गैंग का सरगना है। वह सिर्फ सट्टा बुक करने का ही काम करता है। पुलिस की मानें तो विनोद के देश के कई बड़े बुकीज से संबंध हैं। उसका गैंग देशभर से सट्टा बुक करता है।