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Delhi NCR News: फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर दिलाते थे सरकारी नौकरी, तीन गिरफ्तार
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फर्जी सर्टिफिकेट तैयार कर दिलाते थे सरकारी नौकरी, तीन गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शाहदरा जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र और मार्कशीट बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी 10वीं व 12वीं की मार्कशीट, लैपटॉप, प्रिंटर व अन्य उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 30 जून को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुई, जिसमें बताया गया था कि शाहदरा निवासी नवनीत त्यागी फर्जी दस्तावेज तैयार करने व सप्लाई करने में लिप्त है।
पुलिस ने एक डिकॉय ग्राहक के माध्यम से आरोपी को दबोचा और 17 जुलाई को जीटी रोड स्थित मिराज सिनेमा के पास से नवनीत त्यागी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों सबाब आलम और फरीद अहमद सैफी का नाम उजागर किया, जिन्हें पुलिस ने भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 53 वर्षीय नवनीत त्यागी शाहदरा, 41 वर्षीय सबाब आलम गाजियाबाद व 49 वर्षीय फरीद अहमद सैफी मौजपुर, दिल्ली के निवासी हैं।
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ऐसे चलता था फर्जी सर्टिफिकेट का धंधा
आरोपी एक बंद पंजीकरण वाले संस्थान ग्रामीण मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। इस संस्थान का पंजीकरण पहले ही खत्म हो चुका था, लेकिन आरोपी इसके पुराने लेटरहेड व स्टैम्प का उपयोग कर पुरानी तिथियों में सर्टिफिकेट जारी करते थे, ताकि वे असली दिखें और जांच में पकड़े न जाएं। गिरोह सोशल मीडिया व व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ग्राहक अपनी फोटो, आधार कार्ड व पुरानी मार्कशीट भेजता था, और आरोपी कुछ ही घंटों में फर्जी 10वीं या 12वीं की मार्कशीट तैयार कर देते थे। हर फर्जी दस्तावेज के लिए 5,000 से 10,000 रुपये वसूले जाते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अब तक करीब 100-150 फर्जी सर्टिफिकेट बेच चुके हैं, जिनका इस्तेमाल नौकरी, एडमिशन और अन्य सरकारी कामों में किया गया।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शाहदरा जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र और मार्कशीट बनाने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से फर्जी 10वीं व 12वीं की मार्कशीट, लैपटॉप, प्रिंटर व अन्य उपकरण बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 30 जून को मिली गुप्त सूचना के आधार पर शुरू हुई, जिसमें बताया गया था कि शाहदरा निवासी नवनीत त्यागी फर्जी दस्तावेज तैयार करने व सप्लाई करने में लिप्त है।
पुलिस ने एक डिकॉय ग्राहक के माध्यम से आरोपी को दबोचा और 17 जुलाई को जीटी रोड स्थित मिराज सिनेमा के पास से नवनीत त्यागी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपने साथियों सबाब आलम और फरीद अहमद सैफी का नाम उजागर किया, जिन्हें पुलिस ने भी गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में 53 वर्षीय नवनीत त्यागी शाहदरा, 41 वर्षीय सबाब आलम गाजियाबाद व 49 वर्षीय फरीद अहमद सैफी मौजपुर, दिल्ली के निवासी हैं।
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ऐसे चलता था फर्जी सर्टिफिकेट का धंधा
आरोपी एक बंद पंजीकरण वाले संस्थान ग्रामीण मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान का गलत इस्तेमाल कर रहे थे। इस संस्थान का पंजीकरण पहले ही खत्म हो चुका था, लेकिन आरोपी इसके पुराने लेटरहेड व स्टैम्प का उपयोग कर पुरानी तिथियों में सर्टिफिकेट जारी करते थे, ताकि वे असली दिखें और जांच में पकड़े न जाएं। गिरोह सोशल मीडिया व व्हाट्सएप के जरिए ग्राहकों से संपर्क करता था। ग्राहक अपनी फोटो, आधार कार्ड व पुरानी मार्कशीट भेजता था, और आरोपी कुछ ही घंटों में फर्जी 10वीं या 12वीं की मार्कशीट तैयार कर देते थे। हर फर्जी दस्तावेज के लिए 5,000 से 10,000 रुपये वसूले जाते थे। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे अब तक करीब 100-150 फर्जी सर्टिफिकेट बेच चुके हैं, जिनका इस्तेमाल नौकरी, एडमिशन और अन्य सरकारी कामों में किया गया।
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