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हजारों कर्मचारियों के रोजगार पर संकट के बादल, प्रदूषण फैलाने वाली 8 कंपनियां होंगी बंद

Fri, 10 Aug 2018 09:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा Updated Fri, 10 Aug 2018 09:36 AM IST
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thousands of people in 8 companies of greater noida may loose jobs as companies to shut of pollution
फाइल फोटो

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की कार्रवाई शुरू हो गई है। हिंडन को प्रदूषित करने वाली ग्रेटर नोएडा की 31 कंपनियों में से 8 को बंद किया जाएगा। 20 कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे, जबकि तीन कंपनियों को मानक पूरे करने के लिए कहा गया है।

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बोर्ड की तरफ से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इंडियन इंडस्ट्री एसोसिएशन ग्रेनो चैप्टर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इन कंपनियाें के बंद होने से उद्योग जगत पर पड़ने वाले असर से अवगत कराया है।
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जिन आठ कंपनियों को बंद किया जाना हैं, उनमें न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर जैसी बड़ी इकाई भी शामिल हैं। दूसरे दिन भी इस कंपनी में उत्पादन बंद रहा। इन कंपनियों के बंद होने से हजारों कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट पैदा हो जाएगा। 6-7 बड़ी कंपनियां है, जहां 3 से 8 हजार तक कर्मचारी काम करते हैं।
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बड़ी कंपनियों के बंद होने का असर सैकड़ों छोटे और मध्यम उद्योगों पर भी पड़ेगा। इंडियन इंडिस्ट्रीज एसोसिएशन ग्रेनो चैप्टर ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर उद्योग पूरी तरह से बंद होने की चेतावनी दी है।

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर हिंडन के आसपास की कंपनियों से पानी की निकासी की जांच की गई थी। जांच के दौरान केन्द्रीय व उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने मिलकर कई कंपनियों से सैंपल लिए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद रिपोर्ट एनजीटी के समक्ष पेश की गई जिसके बाद कार्रवाई शुरू की जा रही है।

15 से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी हो चुका है

thousands of people in 8 companies of greater noida may loose jobs as companies to shut of pollution
फाइल फोटो

गौतमबुद्ध नगर की 31 इकाइयों को चिह्नित किया गया था। 15 से अधिक इकाइयों को नोटिस जारी हो चुका है। आईआईए ग्रेटर नोएडा चेप्टर के अध्यक्ष एसपी शर्मा का कहना है कि इन 31 कंपनियों में कई नामी और बड़ी कंपनियों है। इनसें 200 से अधिक छोटी और बड़ी कंपनियां जुड़ी है। अगर बड़ी कंपनियों का उत्पादन बंद हो जाएगा तो फिर छोटी कंपनियां स्वत: ही बंद हो जाएंगी। ऐसे में करीब एक लाख कर्मचारियों और मजदूरों के रोजगार पर संकट के बादल छा जाएंगे।

इन कंपनियों पर बंदी का संकट
श्री जगदंबा नीट्स प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा, एक्सपर्ट मेटलटेक प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा, जीटी कार्गो प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा, मेटेरियल मोबेल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, आरएस इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, राहुल लोनटेक प्राइवेट लिमिटेड ग्रेटर नोएडा और विमल डाइंग ग्रेटर नोएडा।

इन कंपनियां को कारण बताओ नोटिस
कलर एंड स्टाइल प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, एमके लैदर ट्रेडिंग कंपनी सूरजपुर, स्काई लॉर्क डाइंग प्राइवेट लिमिटेड सूरजपुर, इंडिया यामाहा मोटर प्राइवेट लिमिटेड दादरी रोड, सुचि पेपर मिल छपरौला जीटी रोड, क्वांत्रा पेपर प्राइवेट लिमिटेड धूम मनिकपुर, अंबर इंटरप्राइजेज लिमिटेड कासना, कैपिटल डाइंग वर्क सूरजपुर, सीएंडएस लिमिटेड कासना, इंडस ट्यूब लिमिटेड छपरौला जीटी रोड, जयानिता एक्सपोर्ट कासना, जेएमवीएलपीएस प्राइवेटे लिमिटेड यूपीएसआईडीसी, जेबीएम ऑटोटेक ग्रेटर नोएडा, निप्पन ट्यूब लिमिटेड छपरौला, विकास इंडस्ट्रीज ग्रेटर नोएडा, मेटलटेक डिजाइन उद्योग केंद्र, इंडिया डाइंग एंड टेक्सटाइल ग्रेटर नोएडा, न्यूमेन कंपोनेंट्स कासना, सूर्या फ्रेश फूड लिमिटेड दादरी रोड और केआरबीएल लिमिटेड जीटी रोड।

इन कंपनियाें को मानक करने होंगे पूरे
चौधरी स्किन ट्रेडिंग कंपनी सूरजपुर, हीरो मोटर्स लिमिटेड अच्छेजा जीटी रोड ग्रेटर नोएडा और होंडा सिएल पावर प्रोडक्ट लिमिटेड इकोटेक-1।

बंदी से पहले दिया जाना चाहिए समय

इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। अध्यक्ष एसपी शर्मा का कहना है कि बंदी का नोटिस जारी करने से पहले समय दिया जाना चाहिए था, ताकि कंपनियां एनजीटी के मानकों को पूरा कर सकें, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। इससे कंपनियों पर काफी असर पड़ेगा।

कई विभागों को भी नोटिस की प्रति भेजी गई है। अगर कंपनी एनजीटी के मानकों को पूरा कर लेती है तो फिर इन विभागों से पार पाना पड़ेगा। कंपनियों बंद होने से विकास पर असर पड़ेगा। अगर राज्य में ऐसा ही हाल रहा तो यहां कंपनियां आना बंद हो जाएंगी। साथ ही जो चल रही है वो भी बंद हो जाएंगी। आज उद्यमी इस पर मंथन करके अगली रणनीति तय करेंगे।

बिजली, पानी की सुविधा तत्काल होंगी बंद
कंपनियों को जो नोटिस भेजा जा रहा है। उसकी एक प्रतिलिपि प्राधिकरण, बिजली विभाग, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिलाधिकारी को भेजी गई है। इन कंपनियों की बिजली और पानी की आपूर्ति को तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है। साथ ही, उद्योग विभाग से अन्य सुविधाओं को भी तत्काल बंद करने का आदेश दिया गया है।

दूसरे दिन भी बंद रहा उत्पादन, कर्मचारी परेशान
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नोटिस पर न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर कंपनी प्रबंधन ने बुधवार को उत्पादन बंद कर दिया था। लगातार दूसरे दिन बृहस्पतिवार को भी उत्पादन बंद रहा। उत्पादन बंद होने से कर्मचारी परेशान हैं। उनको समझ नहीं आ रहा है कि आखिर हो क्या रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि कंपनी की तरफ से संदेश दिया गया है कि अभी उत्पादन बंद रहेगा। सभी अपने घर चले जाए। जब काम शुरू होगा तो बता दिया जाएगा। इससे कर्मचारी परेशान है।

कंपनियों की बिजली आपूर्ति बंद करने का अभी कोई आदेश नहीं मिला है। अगर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से ऐसा आदेश आता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।- सारनाथ गांगुली, जीएम, एनपीसीएल

एनजीटी के आदेश पर प्रदूषण विभाग द्वारा 5-6 कंपनियों का उत्पादन बंद होने की जाने की जानकारी मिली है। अभी में लखनऊ में मीटिंग में हूं। वापस आने पर पूरा जानकारी दी जाएगी।- बीएन सिंह, जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर

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