{"_id":"5ec50b888ebc3e909726a37f","slug":"this-time-eid-will-not-be-bright","type":"story","status":"publish","title_hn":"....तो क्या इस बार फीकी रहेगी मीठी ईद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
....तो क्या इस बार फीकी रहेगी मीठी ईद
Wed, 20 May 2020 04:20 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Wed, 20 May 2020 04:20 PM IST
सार
- बाजार खुले लेकिन कम पहुंचे खरीदार
- ईद की खरीदारी से परहेज कर रहे हैं लोग
विज्ञापन
Eid
- फोटो : Eid
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अस्सी वर्षीय इख्तियार अहमद बेहद मायूस होकर बताते हैं कि उनकी जिंदगी में ऐसा वक्त कभी नहीं आया कि ईद की नमाज ईदगाह या मस्जिदों में न पढ़ी जाए। अल्लाह अपने बंदों से सख्त नाराज हैं। यहीं वजह है कि उसने अपने घर मंदिर-मस्जिदों के दरवाजे भी आम लोगों के लिए बंद कर दिए हैं।
लॉकडाउन-4 में दिल्ली सरकार की रियायतों के बाद मंगलवार को राजधानी के कुछ बाजार तो खुल गए, लेकिन खरीदार कम पहुंचे। माना जा रहा था कि पांच-छह दिन बाद ईद का त्योहार है। ऐसे में लोग खरीदारी करने पहुंचेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ज्यादातर लोग ईद की खरीदारी करने से परहेज कर रहे हैं।
लोग उसकी वजह बताते हैं कि सोशल मीडिया पर इस बार पूरे देशभर के उलेमा आम लोगों से अपील कर रहे हैं कि इस बार ईद की कोई खरीदारी न करें। बल्कि ईद को बेहद सादगी के साथ मनाए। खुद और अपने पूरे परिवार को घर पहले से ही रखे अच्छे कपड़े पहनाकर ईद मनाए। शायद इस अपील का असर भी देखने को मिल रहा है। लोग उलेमाओं की अपील के अलावा कोरोना के डर की वजह से भी बाजार जाने से गुरेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
अबुल फजल निवासी इशरत जहां बताती है कि दिल्ली में कोरोना अपने चरम पर है, ऐसे में बाहर निकलकर वह खुद और परिवार के लिए खतरा मोल नहीं ले सकती हैं। सरकार के एलान के बाद शाहीन बाग, बटला हाउस, जाकिर नगर, सीलमपुर व अन्य जगहों की कुछ दुकानें खुल गई। लेकिन यहां पर लोगों की भीड़ न के बराबर ही थी। जाफराबाद निवासी शुजाउद्दीन ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से काम धंधा न होने के कारण भी लोगों के पास पैसों की कमी है।
लोग बड़ी मुश्किल से अपना गुजारा ही कर पा रहे हैं। ऐसे में ईद के लिए वह कोई विशेष तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। इस बार सभी लोग अपने-अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा करेंगे। लोगों को मस्जिदें बंद होने का बड़ा मलाल है। लोग अल्लाह से दुआएं कर रहे हैं कि अल्लाह जल्द ही इस वबा (महामारी) से निजात दिलाएं।
विज्ञापन
लॉकडाउन-4 में दिल्ली सरकार की रियायतों के बाद मंगलवार को राजधानी के कुछ बाजार तो खुल गए, लेकिन खरीदार कम पहुंचे। माना जा रहा था कि पांच-छह दिन बाद ईद का त्योहार है। ऐसे में लोग खरीदारी करने पहुंचेंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ज्यादातर लोग ईद की खरीदारी करने से परहेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
लोग उसकी वजह बताते हैं कि सोशल मीडिया पर इस बार पूरे देशभर के उलेमा आम लोगों से अपील कर रहे हैं कि इस बार ईद की कोई खरीदारी न करें। बल्कि ईद को बेहद सादगी के साथ मनाए। खुद और अपने पूरे परिवार को घर पहले से ही रखे अच्छे कपड़े पहनाकर ईद मनाए। शायद इस अपील का असर भी देखने को मिल रहा है। लोग उलेमाओं की अपील के अलावा कोरोना के डर की वजह से भी बाजार जाने से गुरेज कर रहे हैं।
विज्ञापन
अबुल फजल निवासी इशरत जहां बताती है कि दिल्ली में कोरोना अपने चरम पर है, ऐसे में बाहर निकलकर वह खुद और परिवार के लिए खतरा मोल नहीं ले सकती हैं। सरकार के एलान के बाद शाहीन बाग, बटला हाउस, जाकिर नगर, सीलमपुर व अन्य जगहों की कुछ दुकानें खुल गई। लेकिन यहां पर लोगों की भीड़ न के बराबर ही थी। जाफराबाद निवासी शुजाउद्दीन ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से काम धंधा न होने के कारण भी लोगों के पास पैसों की कमी है।
लोग बड़ी मुश्किल से अपना गुजारा ही कर पा रहे हैं। ऐसे में ईद के लिए वह कोई विशेष तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। इस बार सभी लोग अपने-अपने घरों में ही ईद की नमाज अदा करेंगे। लोगों को मस्जिदें बंद होने का बड़ा मलाल है। लोग अल्लाह से दुआएं कर रहे हैं कि अल्लाह जल्द ही इस वबा (महामारी) से निजात दिलाएं।