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ये "TATT" है खतरनाक, धीरे धीरे लील रही आपके बच्चों व युवाओं की जिंदगीयां
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Tue, 03 Apr 2018 10:02 AM IST
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रात में ज्यादा नींद न लेना और दिन भर थकान महसूस होना, इस तरह के लक्षण आजकल युवाओं के साथ बच्चों में भी देखने को मिल रहे हैं। स्कूल में पढ़ाई के दौरान ये बच्चे कम समय के भीतर अत्यधिक थकान और बोरियत महसूस करने लगते हैं, लेकिन गौर करने वाली बात है कि ये समस्या धीरे धीरे बच्चों के जीवन पर खतरा बनने लगती है।
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इसके पीछे वजह है टैट। टायर्ड ऑल दि टाइम (टीएटीटी) सिंड्रोम या टैट कहा जाता है। जब यह समस्या बढ़ जाती है, तो लंबे समय के बाद, इससे क्रोनिक थकान सिंड्रोम पैदा हो सकती है। टैट की पहचान करने में कई बार दिक्कत पेश आती है, क्योंकि इसके लक्षण और डायबिटीज, एनीमिया तथा डिप्रेशन के लक्षण एक जैसे लग सकते हैं।
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हाल ही में सामने आए एक सर्वेक्षण के अनुसार, आजकल के 80 प्रतिशत किशोरों को पर्याप्त नींद नहीं मिल पा रही है। इसके अलावा, इनमें से बड़ी संख्या में बच्चे एक समस्या से भी ग्रस्त रहते हैं। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का अधिक प्रयोग करने से बच्चे और किशोर इसके सबसे अधिक शिकार होते हैं।
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आईएमए के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. के के अग्रवाल ने बताया कि टैट होने के पीछे पर्याप्त मात्रा में पानी न पीना, कम प्रोटीन का सेवन और कार्बोहाइड्रेट का बहुत अधिक या बहुत कम सेवन इत्यादि कारण हो सकते हैं। इसके अलावा, जब कोई व्यक्ति कंप्यूटर के सामने बैठकर पूरे दिन काम करता है, तब भी उसे पर्याप्त नींद नहीं मिल पाती है। नींद की कमी से थकावट हो सकती है।
इस तरह कर सकते हैं बचाव
डॉक्टरों के अनुसार काम के ओवरलोड से दिमाग को मुक्त रखें। थोड़ा आराम करें और योग से थकान व तनाव दूर करने में मदद ले सकते हैं। इसके अलावा स्वस्थ्य भोजन और व्यायाम का समय निश्चित रखें। फलों और सब्जियों का सेवन करें। साथ ही सबसे अहम बात है कि इलेक्ट्रिनिक उपकरणों से ज्यादा से ज्यादा दूरी बनाने का प्रयास करें। फिर चाहे वह बच्चा हो या फिर किशोर।