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केजरीवाल के इस एक वाक्य को आधार बना कर दिल्ली सरकार के तीन वर्ष पूरे होने के जश्न को किया किरकिरा

Tue, 13 Feb 2018 09:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 13 Feb 2018 09:27 AM IST
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this sentence of kejriwal was targeted to ruin celebration of 3 years of delhi government
kejriwal

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दिल्ली सरकार के तीन साल के जश्न का मजा अधिकारियों ने किरकिरा कर दिया है। विज्ञापन की शक्ल में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के एक संदेश पर अधिकारियों व चुनी हुई सरकार में तकरार छिड़ी हुई है।
 

अधिकारियों ने संदेश की एक लाइन पर आपत्ति जताते हुए इसे जारी करने से इंकार कर दिया। केजरीवाल ने सोमवार को इस मसले पर मुख्य सचिव के सामने गंभीर आपत्ति भी जताई है।

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दिलचस्प यह कि इस मसले पर कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री अपने संदेश में कहते हैं कि जब आप सच्चाई और ईमानदारी के रास्ते पर चलते हैं तो ब्रह्मांड की सारी दृश्य और अदृश्य शक्तियां मदद करती है।
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उच्च पदस्थ सूत्र बताते हैं कि विभागीय सचिवों ने इस लाइन को प्रमाणित करने से इनकार कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह लाइन कौन सा विभाग क्लियर करेगा, यह पता नहीं चल पा रहा है। अधिकारी इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश का हवाला दे रहे हैं।

टीवी चैनल पर चलना था मुख्यमंत्री का संदेश

this sentence of kejriwal was targeted to ruin celebration of 3 years of delhi government
kejriwal

दरअसल, दिल्ली सरकार के 3 साल पूरे होने पर हर साल की तरह इस साल भी मुख्यमंत्री का संदेश टीवी चैनल पर चलना था। इसमें मुख्यमंत्री कहते हैं कि बीते तीन सालों में दिल्ली में भ्रष्टाचार में भारी कमी आई है।

ईमानदारी से काम कर रही सरकार का एक-एक पैसा जनता के विकास पर खर्च हो रहा है। बाधाएं भी बहुत आई इसमें, लेकिन ईश्वर ने हर कदम पर साथ दिया। इसके बाद वह कथित तौर पर विवादित लाइनें बोलते हैं।

सूत्रों की मानें तो सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास पर इस मसले पर बैठक भी हुई। इसमें मुख्यमंत्री के साथ मुख्य सचिव व वरिष्ठ आईएएस अधिकारी मौजूद थे। बैठक में कोई भी अधिकारी इस लाइन को क्लियर करने को तैयार नही हुआ।

अधिकारियों ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों से बंधे होने की दलील दी। इतना सुनने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि अदालत ने फैक्ट व फीगर चेक करने के निर्देश बनाए थे, काम अटकाने के लिए नहीं।

वहीं, मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से दो-टूक शब्दों में कहा कि सुप्रीम कोर्ट अधिकारियों से दिमाग के इस्तेमाल की अपेक्षा करता है। मुख्यमंत्री ने इस मसले पर गहरी आपत्ति जाहिर की। 

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