फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   this is why delhi court denied to give any relief to 20 aap mla in office of profit case

...तो इसलिए हाईकोर्ट ने आप के 20 विधायकों को राहत देने से कर दिया इनकार

Sat, 20 Jan 2018 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sat, 20 Jan 2018 09:57 AM IST
विज्ञापन
this is why delhi court denied to give any relief to 20 aap mla in office of profit case
हाईकोर्ट ने आप के 20 विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के मामले में फिलहाल कोई राहत देने से इंकार कर दिया है। इतना ही नहीं अदालत ने चुनाव आयोग को आदेश की प्रति सोमवार तक पेश करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन


मामले की सुनवाई सोमवार को होगी। आप के छह विधायकों ने उन्हें आयोग्य ठहराये जाने को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए स्टे लगाने की मांग की थी। जस्टिस रेखा पल्ली ने आप के विधायकों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि अगर चुनाव आयोग के फैसले की कॉपी राष्ट्रपति को मंजूरी के लिए नहीं भेजी गई है तो सोमवार को कोर्ट में पेश की जाएगी।
विज्ञापन


कोर्ट ने यह निर्देश अधिवक्ता समीर वशिष्ट की दलील पर दिया है। वशिष्ट ने कहा इस आदेश से पहले हमें सुना जाना चाहिए था। अगर चुनाव आयोग ने आदेश की कॉपी राष्ट्रपति को नहीं भेजी है तो विधायकों को भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन


याचिकाकर्ता के वकीलों ने कोर्ट के समक्ष कहा कि चुनाव आयोग ने किस आधार पर आदेश दिया है यह उन्हें पता नहीं। उन्हें मीडिया से पता चला कि आयोग ने 20 विधायकों को लाभ का पद स्वीकार करने के आरोप में आयोग्य ठहरा दिया है। इसलिए चुनाव आयोग के फैसले की कॉपी दिलवाई जाए।

जस्टिस पल्ली ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा

this is why delhi court denied to give any relief to 20 aap mla in office of profit case
​कोर्ट ने इस पर चुनाव आयोग के वकील अमित शर्मा से पूछा तो उन्होंने बताया उन्हें फैसले की कोई जानकारी नहीं है। कोर्ट ने कहा वह अगर फैसले की कॉपी मंगा सकते हैं तो मंगा लें। अमित शर्मा ने वापस आकर कोर्ट को बताया कि उन्होंने कोशिश की लेकिन कॉपी नहीं मिली है।

कोर्ट के समक्ष अधिवक्ता मनीष वशिष्ट ने कहा कि चुनाव आयोग का फैसला पूरी तरह से गलत व एक पक्षीय है क्योंकि यह फैसला उनका पक्ष जाने बिना दिया गया है। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन था।

चुनाव आयोग को उन्हें सुनवाई की जानकारी देनी चाहिए थी। जस्टिस पल्ली ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि यह याचिका यहां विचाराधीन है इसलिए चुनाव आयोग सुनवाई नहीं कर सकता था। इस बात को भी नहीं माना जा सकता कि विधायकों को चल रही सुनवाई की जानकारी नहीं थीं।

चुनाव आयोग में शिकायत दायर होने के बाद नोटिस दिया गया था। विधायकों की ओर से अक्तूबर 2016, सितंबर 2017 व नवंबर 2017 में नोटिस का जवाब दिया गया था। इसके अलावा इन विधायकों ने यह भी कभी नहीं किया कि मामला हाईकोर्ट में है इसलिए आयोग सुनवाई न करें।

वेतन व भत्ते दिए जाने का खंडन किया

this is why delhi court denied to give any relief to 20 aap mla in office of profit case

पेश मामला 21 विधायकों को अयोग्य ठहराये जाने से जुड़ा है। अधिवक्ता प्रशांत पटेल ने राष्ट्रपति को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि सरकार ने अपने विधायकों को लाभ पहुंचाने के लिए संसदीय सचिव बनाया है।

उन्हें इस काम के लिए दिल्ली सरकार की ओर से वेतन व भत्ते दिए जा रहे हैं। राष्ट्रपति ने यह शिकायत चुनाव आयोग के पास सुनवाई के लिए भेजी थी। आप विधायकों ने सरकार व विधानसभा की ओर से वेतन व भत्ते दिए जाने का खंडन किया था।

इसके बाद सरकार ने इन नियुक्तियों को रद्द कर दिया था। चुनाव आयोग का शुक्रवार को फैसला आने के बाद आप के विधायक मदन लाल, राजेश गुप्ता, नितिन त्यागी, जरनैल सिंह समेत छह विधायकों ने याचिका दायर कर फैसले को स्थगित करने और उन्हें सुने जाने की मांग की है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed