फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   They used modern technology to steal luxury vehicles and carried out thefts on demand

Delhi NCR News: आधुनिक तकनीक का प्रयोग कर चुराते थे लग्जरी गाड़ियां, डिमांड पर करते थे चोरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 08:23 PM IST
विज्ञापन
दिल्ली पुलिस ने लग्जरी कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया, सात गाड़ियां बरामद
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने एक अंतरराज्यीय लग्जरी कार चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो आरोपियों अमित नागर उर्फ सोनू (35) और तोइजम नटराज सिंह (37) को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर महंगी कारें चुराते थे।
चोरी की गई गाड़ियां पूर्वोत्तर राज्यों में बेची जाती थीं। पुलिस उपायुक्त चंद्र कुमार सिंह ने बताया कि अपराध शाखा की टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने चार असली रजिस्ट्रेशन नंबर प्लेट, पांच स्मार्ट चाबियां और सात चोरी की गाड़ियां बरामद कीं। ये गाड़ियां दिल्ली, राजस्थान और मणिपुर से बरामद की गई हैं।
विज्ञापन

अमित नागर को दिल्ली में डॉ. बीएसए रोड पर महादेव चौक रेड लाइट के पास महिंद्रा थार के साथ पकड़ा गया। यह थार केएन काटजू थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। अमित ने बताया कि वह एक संगठित गिरोह के लिए गाड़ियां चुराता और बेचता था। उसने नटराज और आतम सहित अपने साथियों के नाम बताए। नटराज को उत्तर प्रदेश पुलिस ने पहले ही चोरी की टोयोटा फॉर्च्यूनर के साथ गिरफ्तार किया था। दिल्ली पुलिस ने अदालत की अनुमति से नटराज को औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। फरार साथी अशरफ और अन्य की तलाश जारी है। चोरी में इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का भी पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


चोरी का तरीका
आरोपी चोरी से पहले सायरन का तार काटते थे। फिर ड्राइवर की तरफ का शीशा तोड़ते थे। इसके बाद ईसीएम (इंजन कंट्रोल मॉड्यूल) तक पहुंचने, गाड़ी स्टार्ट करने और डुप्लीकेट चाबी बनाने के लिए एक खास इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट का उपयोग करते थे। किसी खास मॉडल की मांग होने पर, गिरोह टूटे शीशे को बदलने के लिए वैसा ही शीशा साथ ले जाता था। यह गिरोह दिल्ली के द्वारका और रोहिणी जैसे रिहायशी इलाकों में खड़ी महंगी गाड़ियों को निशाना बनाता था। चोरी की गाड़ियां मणिपुर में नटराज सिंह को बेची जाती थीं। कुछ गाड़ियां राजस्थान में भी खरीदारों के जरिये बेची जाती थीं। इस तरह यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर काम करता था। ं
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed