{"_id":"5f5c09cb7f38d863e73059ed","slug":"there-will-be-no-shortage-of-seasonal-fruits-and-green-vegetables-in-delhi","type":"story","status":"publish","title_hn":"उम्मीदः दिल्ली में अब मौसमी फलों और हरी सब्जियों की नहीं होगी किल्लत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उम्मीदः दिल्ली में अब मौसमी फलों और हरी सब्जियों की नहीं होगी किल्लत
Sat, 12 Sep 2020 05:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Sep 2020 05:05 AM IST
विज्ञापन
सब्जियां (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब मौसमी फल ही नहीं, हरी सब्जियों की किल्लत भी राजधानी में रहने वालों को नहीं होगी। खराब मौसम में भी सब्जियां व फल ताजे मिलेंगे। अब विशेष मालगाड़ी से फल व सब्जियां दिल्ली में पहुंचनी शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को दक्षिणी भारत से पहली किसान रेल दिल्ली पहुंची।
विज्ञापन
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर से बुधवार को चली किसान रेल 35 किसानों को लेकर शुक्रवार सुबह आजादपुर मंडी के पास स्थित आदर्श नगर स्टेशन पहुंची। किसानों का स्टेशन पर स्वागत किया गया। दक्षिण भारत से टमाटर, केले, संतरे, पपीता, तरबूज और आम से लदी 10 डिब्बों वाली यह मालगाड़ी 2150 किमी की दूरी तय कर पहुंची।
विज्ञापन
उत्तर एवं उत्तर-मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि दक्षिण भारत से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को जोड़ने वाली यह पहली किसान रेल है। भारतीय रेलवे ने किसानों की उपज को बड़े बाजारों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह रेल शुरू की है। किसान रेल यह सुनिश्चित करेगी कि कृषि उपज देश के एक कोने से दूसरे कोने तक आसानी से पहुंच सके।
विज्ञापन
फलों के लिए मशहूर है अनंतपुर
अनंतपुर आंध्र प्रदेश का तेजी से विकसित होता फलों का केंद्र है। इस जिले में उत्पादित होने वाले 58 लाख मीट्रिक टन फलों और सब्जियों का 80 प्रतिशत से अधिक अन्य राज्यों विशेष रूप से दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा के बाजारों को भेजा जाता है। पहले यह उपज सड़क यातायात से ले जाई जा रही थी, जिसमें न केवल अधिक समय लग रहा था बल्कि मार्ग में उपज के खराब हो जाने का नुकसान भी किसानों को उठाना पड़ रहा था। कृषि उपज को सुरक्षित, भरोसेमंद और द्रुतगामी यातायात सुविधा उपलब्ध होने से न केवल किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिलेगा, बल्कि इससे उनकी आय में भी वृद्धि होगी।
जीपीएस से लैस किया जाएगा
किसान रेल को जीपीएस से लैस किया जाएगा। इसका फायदा यह होगा कि जो भी किसान या विक्रेता फल-सब्जियां इस ट्रेन से भेज रहा होगा, वह अपने घर से ही उसकी निगरानी कर सकेगा। राजीव चौधरी ने बताया कि वेंडर को जल्द ही यह सुविधा दी जाएगी। अगर वेंडर इस ट्रेन से किसानों को भी भेजना चाहे तो वह सफर कर मंडियों में अपने सामान को लेकर पहुंच सकते हैं। एक खास तरह का सेल भी तैयार किया गया है, जो किसान रेल की निगरानी करेगा।
रास्ते में माल गायब नहीं हो, देखेगी विशेष टीम
किसान रेल की निगरानी सघन तरीके से की जाएगी। ऐसा नहीं होगा कि रास्ते में ही माल गायब हो जाएगा। रेलवे यह सुनिश्चित करेगा कि रास्ते से माल गायब नहीं हो। इसके लिए एक स्पेशल टीम गठित की गई है।
आवक बढ़ने से भाव स्थिर रहेंगे
आजादपुर मंडी के आढ़तियों का कहना है कि किसान रेल वक्त पर पहुंचने लगेगी, तो मंडी में टमाटर, पपीता, मौसमी केला आदि की आवक बढ़ जाएगी। आढ़ती हरवीर सिंह ने बताया कि आवक बढ़ने से इसके भाव में भी अंतर पड़ेगा। मौसम खराब होने की स्थिति में सड़क परिवहन व्यवस्था ठप हो जाती है। कई बार देरी से पहुंचने के कारण फल-सब्जियां खराब भी हो जाते हैं, लेकिन किसान रेल चलने से इसके फायदे होंगे। फल और सब्जियों के भाव भी स्थिर रहेंगे। जब किसान सीधा यहां माल बेचने आएगा तो आढ़ती भी उससे कमीशन नहीं लेंगे।