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कैंसर से परेशान हेयर ड्रेसर ने दी जान

Sat, 13 Dec 2014 11:50 PM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sat, 13 Dec 2014 11:50 PM IST
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The troubled life of cancer hairdresser

हेयर ड्रेसर कमरुद्दीन (38) ने शनिवार को गौशाला रेलवे ट्रैक पर ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली। मौके से बरामद दो दो सुसाइड नोट में उसने कैंसर की बीमारी से परेशान होकर सुसाइड करने की बात लिखी है।

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एक सुसाइड नोट में बच्चों के लिए लिखा है कि पढ़ लिखकर दादा और नाना का नाम रोशन करना वहीं, दूसरे में लिखा है कि बच्चों मुझे माफ करना, मैं तुम्हारी मम्मी के पास जा रहा हूं।
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विजयनगर पुलिस ने बताया कि कमरुद्दीन कैलाभट्ठा पीएसी चौक के  पास तीन बेटों और बेटी के साथ रहता था। पत्नी नूरजहां की करीब 4 साल पहले मौत हो चुकी है।
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पत्नी की मौत के बाद बच्चों की परवरिश की वजह से वह ससुराल में रह रहा था। कमरुद्दीन नेहरूनगर स्थित एक हेयर सेलून में हेयर ड्रेसर था। शनिवार सुबह 9 बजे वह घर से सेलून के लिए निकला था।

पीएसी चौक पर उसके साले याकूब ने उसे जाते हुए देखा। कुछ देर बाद याकूब के मोबाइल पर कॉल कर पुलिस ने सूचना दी कि कमरुद्दीन ने ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली है।

कमरुद्दीन के कपड़ों से पुलिस को दो सुसाइड नोट और पहचान पत्र मिला। सुसाइड नोट में ही याकूब और रिश्तेदार इस्लामुद्दीन का मोबाइल नंबर लिखा था।

आसपास के लोगों ने बताया कि घटना करीब सुबह साढे़ दस बजे की है। परिजनों ने बताया कि याकूब शुक्रवार को ही ससुराल लौटा था। वह मसूरी में बहन के यहां गया था।

याकूब ने बताया कि  घटनास्थल पर मौजूद कु छ लोगों ने बताया कि कमरुद्दीन को उन्होंने करीब साढ़े नौ बजे रेलवे ट्रैक पर आत्महत्या की कोशिश करते देखा था, तब उन्होंने उसे ट्रैक से खींच कर बचा लिया था। समझा बुझाकर उसे घर जाने के लिये कहा था, लेकिन कुछ देर बाद फिर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।


सुसाइड नोट में बयां की कैंसर के दर्द की कहानी
कमरुद्दीन ने एक सुसाइड नोट लाल पेन से लिखा और दूसरा नीले पेन से। नीले पेन से लिखा सुसाइड नोट नया है, जिसमें लिखा है कि मैं अपने दर्द से इतना परेशान हो चुका हूं कि बर्दाश्त नहीं होता, मैं अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा हूं। इसमें किसी का दोष नहीं हैं। बहन, मैं माफी मांगता हूं कि तूने इतना किया, लेकिन मेरी बीमारी बढ़ चुकी थी। बच्चों अच्छे से पढ़ लिखकर नाना-दादा का नाम रोशन करना। दूसरे सुसाइड नोट में भी कमरुद्दीन ने बीमारी का जिक्र किया है। लिखा है कि बच्चों, मैं तुम्हारी मम्मी के  पास जा रहा हूं। मुझे माफ करना और मामा-मामी का कहना मानना।

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