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श्रीश्री के महोत्सव में दूसरे दिन पहुंचे केंद्रीय मंत्री, कलाकारों ने जीता दिल

Sun, 13 Mar 2016 08:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 13 Mar 2016 08:00 AM IST
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The second day of the festival arrived in Sri minister, fastened upon artists
विश्व सांस्कृतिक महोत्सव

यमुना किनारे आयोजित विश्व सांस्कृतिक महोत्सव के दूसरे दिन धर्म और कला का संगम हुआ। एक मंच पर जहां दुनिया भर से विभिन्न धर्मों के गुरु मौजूद रहे, वहीं देश और दुनिया के कोने-कोने से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया।

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एक मंच से कला और धर्म के गुरुओं ने सिर्फ एक ही संदेश दिया कि दुनिया में शांति हो मानवीयता को ऊपर रखा जाए। सभी धर्म इसी के पक्षधर है। इस मौके पर गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज, दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित अन्य देशों के कई नेता भी मौजूद रहे।
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दूसरे दिन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुई, जिसे 1050 वेद पंडितों के मुख से एक साथ निकला। इसके बाद 8500 कलाकारों ने 15 संगीत के यंत्रों से ग्रांड आर्केस्ट्रा की प्रस्तुति दी।

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यमुना किनारे धर्म व कला का संगम

The second day of the festival arrived in Sri minister, fastened upon artists
विश्व सांस्कृतिक महोत्सव

उसके बाद मध्य प्रदेश से आए 250 कालाकरों ने लोक नृत्य गुडुम बाजा बजाकर नृत्य किया। सिक्किम से आए 350 कलाकारों ने वहां के मारूनी डांस की प्रस्तुति दी तो पूरे महोत्सव में मौजूद लोग झूम उठे। इसके बाद मिडिल ईस्ट से आए 150 कलाकारों ने यूनिटी का संदेश देने वाला गीत गाया।

इस दौरान 1150 कलाकरों ने पंजाबी भांगड़ा, ओडिसी नृत्य और 1000 आर्ट ऑफ लिविंग के वालंटियर्स ने चाइनीज सांग गाया। मंच पर देश-विदेश से आए कलाकार अपनी प्रस्तुति से एक दूसरे को जोड़ रहे थे, वहीं सभी धर्माचार्य मंच से शांति, मानवीयता का पाठ पढ़ा रहे थे।

शंकराचार्य, जैन मुनि, दारूल उलेमा, अकाल तख्त के प्रमुख जत्थेदार,अमेरिका के चर्च से फादर ने समाज को शांति के पथ ले जाने की वकालत की। सभी गुरुओं ने कहा कि सर्भी धर्म की किताबें अलग हो सकती है, पूजा अर्चना करने की विधि अलग हो सकती है लेकिन सबका सार एक है। वह शांति मानवीयता और भाईचारा है। यही देश व दुनिया को आगे ले सकता है।

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