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Delhi NCR News: जरूरत के मुकाबले सिर्फ 25-30 प्रतिशत कॉर्नियल ट्रांसप्लांट
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नई दिल्ली। भारत में हर साल करीब एक लाख कॉर्नियल ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है, लेकिन वर्तमान में केवल 25 से 30 हजार मरीजों को ही यह सुविधा मिल पा रही है। एक निजी अस्पताल के कॉर्नियल विशेषज्ञों ने 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े के अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। विशेषज्ञों के मुताबिक देश में कॉर्नियल सर्जरी की सुविधाएं और विशेषज्ञता बढ़ रही है, लेकिन डोनर कॉर्निया की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है
पद्मश्री प्रो. डॉ. जेएस तितियाल ने कहा कि नेत्रदान के साथ मृत्यु के बाद समय पर कॉर्निया रिट्रीवल और मजबूत आई बैंक नेटवर्क पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि 2023-24 में देश में 49 हजार से अधिक कॉर्निया रिट्रीव की गईं, लेकिन करीब 27,394 ही ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त पाई गईं। विशेषज्ञों ने परिवारों से मृत्यु के बाद जल्द से जल्द आई बैंक से संपर्क करने की अपील की। संवाद
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पद्मश्री प्रो. डॉ. जेएस तितियाल ने कहा कि नेत्रदान के साथ मृत्यु के बाद समय पर कॉर्निया रिट्रीवल और मजबूत आई बैंक नेटवर्क पर ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने बताया कि 2023-24 में देश में 49 हजार से अधिक कॉर्निया रिट्रीव की गईं, लेकिन करीब 27,394 ही ट्रांसप्लांट के लिए उपयुक्त पाई गईं। विशेषज्ञों ने परिवारों से मृत्यु के बाद जल्द से जल्द आई बैंक से संपर्क करने की अपील की। संवाद
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