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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The path open of metro phase four from IGI to Saket

मेट्रो फेज चार से आईजीआई-साकेत के बीच खुली राह, भूमि आवंटन प्रस्ताव को मंजूरी

Fri, 20 Nov 2020 05:05 AM IST
दुष्यंत शर्मा किशन कुमार/सर्वेश कुमार, नई दिल्ली
किशन कुमार/सर्वेश कुमार, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Fri, 20 Nov 2020 05:05 AM IST
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The path open of metro phase four from IGI to Saket
delhi metro - फोटो : PTI

दिल्ली मेट्रो के फेज 4 के तहत तुगलकाबाद से एयरोसिटी कॉरिडोर के लिए छतरपुर और खानपुर में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने भूमि आवंटन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना में मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) परियोजना के तहत आईजीआई टर्मिनल को साकेत से जोड़ा जाएगा। इन दोनों जगहों को स्थायी और अस्थायी तौर पर दिया जाएगा। इससे मेट्रो फेज-4 के इस हिस्से की अड़चन खत्म हो गई है।

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दरअसल, दिल्ली मेट्रो फेज 4 की परियोजना में कुल 6 मेट्रो कॉरिडोर हैं। इसमें से तीन मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी मिल चुकी चुकी है, जबकि तीन को अभी मंजूरी मिलना बाकी है। इनमें शामिल तुगलकाबाद से एयरोसिटी कॉरिडोर पर भी काम होना बाकी है। इसके लिए अभी कई परियोजनाओं को विभिन्न विभागों से मंजूरी लेनी है। इस कड़ी में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम ने परियोजना के लिए छतरपुर और खानपुर में भूमि आवंटन के संबंध में सदन की बैठक में प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। 
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प्रस्ताव के तहत छतरपुर में 4 वर्षों के लिए स्थायी व अस्थायी तौर पर जमीन को दिया जाएगा वहीं, खानपुर में तीन वर्षों के लिए स्थायी और अस्थायी तौर पर जमीन का आवंटन किया गया है। दोनों जगहों पर 573. 22 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 14164.56 वर्ग मीटर जमीन का आवंटन किया जाएगा। इसमें छतरपुर में 694. 84 वर्ग मीटर स्थायी तौर पर,  55.10 वर्ग मीटर अस्थायी तौर पर और 9917.07 वर्ग मीटर अस्थायी तौर पर दी जाएगी। 
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इसके अलावा खानपुर में 1266 वर्ग मीटर स्थायी तौर पर और 1414 वर्ग मीटर अस्थायी तौर पर दी जाएगी। दोनों जगहों पर जमीनों का आवंटन दक्षिणी निगम द्वारा न लाभ न हानि की तर्ज पर किया जा रहा है। जमीन के आवंटन के लिए गत 14 जनवरी को दक्षिणी निगम के उद्यान विभाग व डीएमआरसी के अधिकारियों ने संयुक्त सर्वेक्षण किया था। इस दौरान जमीन को योजना के अनुसार पाया गया था। इसके बाद जमीन आवंटन के लिए नगर निगम के पास प्रस्ताव भेजा गया। 

वहीं, प्रस्ताव के अनुसार, भविष्य में दिल्ली मेट्रो रेल निगम जमीन पर भवन संरचना का निर्माण करता है तो ऐसे में स्वामित्व एजेंसी भवन संरचना के निर्माण की लागत का वहन करेगी। इस संबंध में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के नेता सदन नरेंद्र चावला ने कहा कि मेट्रो फेज 4 की परियोजना के लिए निगम के पास प्रस्ताव आया था। ऐसे में लोगों की सहूलियत को देखते हुए व वायु प्रदूषण को कम करने के साथ ही मेट्रो को बढ़ावा देने के लिए नगर निगम ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इससे लोगों को उक्त कॉरिडोर पर मेट्रो की सुविधा का लाभ मिल सकेगा। 

कॉरिडोर का विवरण
एयरोसिटी से तुगलकाबाद
कुल लंबाई -23.6 किलोमीटर
भूमिगत- 19.3 किलोमीटर
एलिवेटेड- 4.2 किलोमीटर
कुल स्टेशन की संख्या- 16

एलिवेटेड-अंडरग्राउंड के साथ इंटरचेंज की भी होगी सुविधा

मेट्रो फेस-4 के तहत मंजूर तीन कॉरिडोर पर काम शुरू हो चुका है। जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम कॉरिडोर पर पिछले साल दिसंबर में निर्माण की शुरुआत कर दी गई थी जबकि तुगलकाबाद-एयरोसिटी कॉरिडोर और मौजपुर-मजलिस पार्क कॉरिडोर पर भी कार्य जारी है। करीब 65.1 किलोमीटर के दायरे में फेस-4 के तीनों कॉरिडोर पर 46 अंडरग्राउंड और एलिवेटेड मेट्रोस्टेशन होंगे। तीनों कॉरिडोर पर निर्माण कार्य पूरा होने से 10 लाख से अधिक लोगों को दिल्ली के एक से दूसरे छोर पर पहुंचना आसान हो जाएगा।

मेट्रो फेस-4 के स्टेशन पहले से अधिक बड़े होंगे। इंटरचेंज स्टेशनों पर व्यावसायिक गतिविधियों की संभावनाओं को ध्यान में रखकर आगे कार्य किए जा रहे हैं। मल्टी मॉडल इंटीग्रेशन को अधिक तवज्जो दी जा रही है ताकि यात्रियों के लिए तमाम परिवहन विकल्पों का इस्तेमाल आसान हो सके। इससे न तो देरी होगी और ही आवाजाही में किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 

28.92 किलोमीटर का जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मूलत: मेंजेंटा लाइन कॉरिडोर का विस्तार है। इसमें22 स्टेशन होंगे। कॉरिडोर का निर्माण पूरा होने से पश्चिमी दिल्ली के दो लाखों से अधिक लोगों के लिए नोएडा से आवागमन आसान हो जाएगा।  एरोसिटी से तुगलकाबाद कॉरिडोर पर करीब 23.62 किलोमीटर के दायरे में 16 स्टेशन होंगे जबकि मौजपुर से मजलिस पार्क के बीच12.55 किलोमीटर में आठ स्टेशन होंगे। 

कॉरिडोर पर होंगे चार एलिवेटेड स्टेशन
23.62 किलोमीटर में प्रस्तावित एयरोसिटी-तुगलकाबाद मेट्रो कॉरिडोर के साथ-साथ छह लेन का फ्लाईओवर होगा। इस पर 4.2 किलोमीटर में संगम विहार, खानपुर-देवली, अंबेडकर नगर और साकेत-जी पर चार एलिवेटेड सहित कुल 16 मेट्रो स्टेशन होंगे। इस पर यू गर्डर लगाने की शुरुआत हो चुकी है। तीसरे कॉरिडोर पर भी काम चल रहा है। 

तीन अन्य कॉरिडोर
तीन अन्य कॉरिडोर पर मंजूरी मिलने का इंतजार है, लेकिन लॉकडाउन के दौरान मेट्रो को हुए नुकसान और जमीन की कमी और अलग-अलग क्षेत्रों में मेट्रो की जरूरतों का आकलन के बाद रिठाला बवाना-नरेला के 21.73 किलोमीटर के कॉरिडोर पर लाइट मेट्रो चलेगी। इंद्रलोक-इंद्रप्रस्थ के बीच 12.58 किमी जबकि लाजपत नगर-साकेत जी ब्लॉक के बीच भी 7.96 किमी के दायरे में एक कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा।

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