बंदरों के डर से बुजुर्ग महिला ने लगाई छत से छलांग
शहर में इन दिनों बंदरों का आतंक रूकने का नाम नहीं ले रहा है। आए दिन बंदरों के काटने से महिला बच्चे तथा बुजुर्ग घायल हो रहें हैं। अभी तक मिली जानकारी के अनुसार पिछले एक सप्ताह के भीतर शहर भर में लगभग एक दर्जन से अधिक लोग बंदरों के काटने का शिकार हो चुके हैं।
बंदरों के काटने का नया मामला शहर के वार्ड नंबर पांच की एक बुजुर्ग महिला का सामने आया है जहां महिला ने बंदरों के आतंक से अपनी जान बचाने के लिए छत से छलांक लगा दी।
बुजुर्ग महिला के छत से कूदने से उसका पैर टूट गया जिसका इलाज प्राईवेट अस्पताल में चल रहा है। इस घटना से शहर के लोगों में स्थानीय प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
बता दें कि इस समय हजारों बंदरों ने शहर के गली मौहल्लों तथा पुराने मकानों को अपना ठिकाना बना रखा है। इस बीच शहर में आए दिन बढ़ती बंदरों की संया लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है।
बंदरों द्वारा लोगों को काटने के आए दिन आते मामलों से शहरवासियों में खौफ बना हुआ है। बंदरों के काटने का ताजा मामला शहर के वार्ड नंबर पांच में सामने आया है।
महिला ने लगाई छत से छलांग
जहां फजरी (80) नाम की एक बुजुर्ग महिला अपनी छत पर किसी काम से गई हुई थी तभी इसी बीच बंदरों की एक टोली ने बुजुर्ग महिला पर हमला बोल दिया और उसे छत से कूदने पर मजबूर कर दिया।
बंदरों के काटने तथा छत से गिरने से घायल हुई महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत नाजुब बनी हुई है। इस दौरान डॉक्टरों ने बताया कि छत से कूदने पर महिला का एक पैर टूट गया है।
जिसका ईलाज डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त एक सप्ताह के अंदर एक दर्जन से अधिक मामले बंदरों के काटने के सामने आए हैं। उधर इस घटना के बाद लोगों में स्थानीय प्रशासन के प्रति रोष व्याप्त है।
लोगों ने बताया कि बंदरों के बढ़ते आंतक को लेकर स्थानीय प्रशासन को कई बार अवगत करा दिया गया था लेकिन बंदरों को पकड़ने का कार्य एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी अभी तक नहीं शुरु कराया गया है।
शहरवासियों ने स्थानीय एसडीएम से बंदरों को पकड़ने की गुहार लगाई है। इस बीच नगर पालिका के सचिव निरंजन लाल सैनी का कहना है कि नपा प्रशासन द्वारा जल्द ही शहर से बंदरों का सफाया करा दिया जाएगा इसके लिए टैंडर छोड़े जाएंगे।