{"_id":"69cd42364fef7ece660a9e3e","slug":"the-impact-of-changing-weather-hospitals-are-filled-with-respiratory-patients-and-viral-outbreaks-have-also-increased-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-130380-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: बदलते मौसम की मार... सांस के मरीजों से पटे अस्पताल, वायरल का भी बढ़ा प्रकोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Delhi NCR News: बदलते मौसम की मार... सांस के मरीजों से पटे अस्पताल, वायरल का भी बढ़ा प्रकोप
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम ठंडक के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, वायरल और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर अस्थमा और एलर्जी के मरीजों पर पड़ रहा है। हवा में बढ़ते प्रदूषण और धूल के कणों के कारण सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश और सीने में जकड़न जैसी शिकायतें आम हो गई हैं।
अस्थमा मरीजों पर सबसे ज्यादा असर
बदलते मौसम के चलते अस्पताल के ओपीडी में अस्थमा वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल के ओपीडी इंचार्ज डॉ. संदीप ने कहा कि इस समय में अस्थमा के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों से अधिक हो गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंडी-गर्म हवा के संपर्क में आने से संख्या बढ़ी है।
बदलते मौसम में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस दौरान सांस और एलर्जी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं, खासकर अस्थमा मरीजों के लिए यह समय ज्यादा संवेदनशील होता है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे मरीज नियमित दवाइयां लें और धूल व प्रदूषण से बचाव करें। - डॉक्टर प्रवीन कुमार, एडिशनल मेडिकल सुप्रिटेंडेंट, गुरु तेग बहादुर अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों की सेहत पर साफ नजर आने लगा है। दिन में तेज धूप और सुबह-शाम ठंडक के कारण लोग बीमार हो रहे हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों में सर्दी-जुकाम, वायरल और सांस से जुड़ी समस्याओं के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में अचानक बदलाव से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ जाती है। इसका सबसे ज्यादा असर अस्थमा और एलर्जी के मरीजों पर पड़ रहा है। हवा में बढ़ते प्रदूषण और धूल के कणों के कारण सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश और सीने में जकड़न जैसी शिकायतें आम हो गई हैं।
अस्थमा मरीजों पर सबसे ज्यादा असर
बदलते मौसम के चलते अस्पताल के ओपीडी में अस्थमा वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। अस्पताल के ओपीडी इंचार्ज डॉ. संदीप ने कहा कि इस समय में अस्थमा के मरीजों की संख्या सामान्य दिनों से अधिक हो गई है। तापमान में उतार-चढ़ाव और ठंडी-गर्म हवा के संपर्क में आने से संख्या बढ़ी है।
विज्ञापन
बदलते मौसम में लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है। इस दौरान सांस और एलर्जी से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं, खासकर अस्थमा मरीजों के लिए यह समय ज्यादा संवेदनशील होता है। उन्होंने सलाह दी कि ऐसे मरीज नियमित दवाइयां लें और धूल व प्रदूषण से बचाव करें। - डॉक्टर प्रवीन कुमार, एडिशनल मेडिकल सुप्रिटेंडेंट, गुरु तेग बहादुर अस्पताल
विज्ञापन