मौत का ये मंजर और भयानक हो सकता था!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नोएडा के सेक्टर-10 के टी प्वाइंट पर रविवार को खंभे पर काम करने के लिए आठ लोग चढ़े हुए थे। कुछ समय पहले ही छह नीचे उतरे थे। एक तार पर क्लिपिंग का कार्य बाकी था।
चाचा-भतीजे इसके लिए ही रुके थे, लेकिन अचानक करंट आने पर दोनों की जान चली गई। थोड़ी देर पहले अगर करंट आता तो अन्य छह की भी जान जा सकती थी।
दूसरी तरफ, मामले में अभी तक पुलिस के पास एफआईआर दर्ज कराने के लिए कोई नहीं आया है। प्राधिकरण से एनकेजी कंपनी को अंडरग्राउंड केबल करने का ठेका दिया गया था।
कुछ समय पहले आठ लोग थे खंबे पर
डेढ़ माह से ठेकेदार गुल मोहम्मद इस काम को करवा रहा था। उसने जान-पहचान के कई लोगों को इस कार्य में लगा रखा था। गुल मोहम्मद ने बताया कि आठ लोग ओवरहेड लाइन को हटाकर अंडरग्राउंड करने के कार्य में लगे थे।
उसके पास प्रोफेशनल डिग्री वाले लाइनमैन नहीं थे। शटडाउन कराने के बाद ही अंडरग्राउंड केबल का कार्य किया जाता था। हादसे से कुछ समय पहले ही छह लोग ऊपर तारों का कार्य समाप्त कर खंभे से नीचे उतरे थे।
कुछ ही पलों में ब्लास्ट हुआ और दो लोग तारों से चिपक गए। इन दोनों को वह मुरादाबाद से लाया था और दिल्ली के जामिया नगर में उसके पास दोनों रहते थे। मोहम्मद हसन की दो माह बाद शादी थी। वहीं, सद्दाम की पत्नी और दो बच्चे हैं। दोनों को मुआवजा मिलना चाहिए।