फेसबुक के खिलाफ दिल्ली विधानसभा की पीस एंड हार्मनी कमेटी की सुनवाई रहेगी स्थगित
दिल्ली हिंसा के दौरान आपत्तिजनक पोस्ट समय से न हटाने के आरोप का सामना कर रहा है फेसबुक, सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को अपनी दलील रखने के लिए दिया है समय...
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दिल्ली हिंसा के दौरान आपत्तिजनक फेसबुक पोस्ट न हटाने के आरोप में दिल्ली विधानसभा की पीस एंड हार्मनी कमेटी के समन का सामना कर रहे फेसबुक अधिकारी की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने संज्ञान लिया है। जस्टिस एसके कौल, जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस कृष्ण मुरारी की बेंच ने सभी पक्षों को अपना रुख स्पष्ट करने के लिए नोटिस जारी किया है। इसी बीच दिल्ली विधानसभा ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया है कि जब तक मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, कमेटी इस मामले की सुनवाई आगे नहीं बढ़ाएगी। मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
दिल्ली विधानसभा की पीस एंड हार्मनी कमेटी ने फेसबुक इंडिया के उपाध्यक्ष अजीत मोहन को नोटिस जारी कर पूछा था कि दिल्ली हिंसा के दौरान आपत्तिजनक पोस्ट्स हटाने के संदर्भ में उसने क्या कार्रवाई की थी। इस संदर्भ में 31 अगस्त और 18 सितंबर की दो तारीखों पर पेश न होने के बाद कमेटी ने फेसबुक पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। उसे कमेटी के सामने पेश होने के लिए 23 सितंबर को आखिरी अवसर दिया गया था। हालांकि, मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद कमेटी ने बुधवार की कार्यवाही स्थगित कर दी।
अजीत मोहन की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे ने याचिका के माध्यम से कोर्ट से कहा था कि यह मामला दिल्ली विधानसभा या उसके द्वारा गठित किसी कमेेटी के अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय है और फेसबुक इसी तरह के एक अन्य मामले का सामना देश की संसद की एक कमेटी के सामने कर रहा है।
क्या था मामला
दरअसल, दिल्ली हिंसा के दौरान सोशल मीडिया साइट्स के दुरुपयोग किए जाने का मामला सामने आया था। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में भी आरोप लगाया है कि विभिन्न सोशल मीडिया साइट्स पर हिंसा को भड़काने की साजिश रची गई थी। फेसबुक पर कई पेज बनाकर लोगों को इसके खिलाफ भड़काया गया था।
आरोप है कि कई पेज पर विवादित सामग्री पोस्ट किए जाने के खिलाफ फेसबुक से शिकायत भी की गई थी, लेकिन कंपनी ने समय रहते इन पोस्ट्स को हटाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।