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चारपाई से हाथ-पैर बांधकर बच्ची को दे रहे थे यातनाएं

Wed, 13 May 2015 01:56 AM IST
अमर उजाला, मोदीनगर
अमर उजाला, मोदीनगर Updated Wed, 13 May 2015 01:56 AM IST
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The hands and feet were shackled to the bed girl tortured.

काकड़ा में एक बच्ची की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। गांववालों का दावा है कि आत्मा उतारने के नाम पर वैष्णवी (6) को इस कदर यातनाएं दी गईं कि उसकी मौत हो गई।

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पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर जब बच्ची को उसके नाना के घर से मुक्त कराया तो उसके हाथ-पैर चारपाई से बंधे थे। ग्रामीणों का ये भी दावा है कि बच्ची के मामा-मामी और नानी तंत्रमंत्र करते हैं और डेढ़ साल से बच्ची को यातनाएं दे रहे थे।
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जबकि बच्ची के पिता का कहना है कि वैष्णवी मंदबुद्धि थी। उसे नींद में चलने की बीमारी थी, इसलिए रात में उसे हाथ-पैर बांधकर रखते थे। फिलहाल गांववालों ने मुरादनगर थाने में दो तहरीर दी है।
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रिपोर्ट दर्ज न करने पर ग्रामीणों ने थाने पर हंगामा किया। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के शरीर पर चोटों के निशान मिले हैं, हालांकि मौत की वजह साफ नहीं हो पाई है। विसरा प्रिजर्व किया गया है।

पहली कक्षा में पढ़ने वाली वैष्णवी मोरटी गांव निवासी पिंटू किसान की बेटी थी। पिंटू के परिवार में पत्नी डिंपल, दो बेटी और एक बेटा है। वैष्णवी डेढ़ साल से नाना के घर काकड़ा गांव में रह रही थी, दो दिन से स्कूल नहीं जा रही थी।

ग्रामीणों का दावा है कि ऊपरी असर बताकर बच्ची को उसके मामा-मामी ने अपने घर रखा था। सोमवार देर रात आत्मा उतारने के नाम पर बच्ची को चारपाई से बांधकर डंडे से पीट रहे थे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।

पुलिस बच्ची को मुक्त कराकर थाने ले गई और आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाय माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे बच्ची की मौत हो गई।

सूचना पर ग्रामीण थाने पर पहुंचे और प्रदर्शन कर आरोप लगाया कि बच्ची की तंत्र मंत्र के चलते हत्या की है। दूसरी तहरीर में बेटा पाने के चक्कर में बच्ची को यातनाएं दी जाती थीं।

नींद में चलने के कारण बांधते थे हाथ-पैर : पिता
वैष्णवी मंदबुद्धि और बीमार थी। उसे मामा-मामी के घर छोड़ रखा था। उसे नींद में चलने की बीमारी थी, इसलिए रात में उसे हाथ-पैर बांधकर रखते थे। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। बेवजह मामले को दूसरा रंग दिया जा रहा है।- पिंटू, बच्ची का पिता।

पुलिस को चारपाई से बंधी मिली थी वैष्णवी
वैष्णवी के शरीर पर चोट के निशान थे। परिजनों के कार्रवाई से इनकार पर माता-पिता के सुपुर्द कर दिया था, मगर तीन घंटे बाद मौत हो गई। पोस्टमार्टम में मौत की वजह पता नहीं लगी है। विसरा प्रिजर्व किया है।- सुबोध सक्सेना, एसओ

...तो जिंदा होती वैष्णवी
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वैष्णवी की मौत कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। मगर पुलिस अपनी लापरवाही कहां छिपाएगी। पुलिस ने बरामदगी के बाद बच्ची का इलाज करना मुनासिब नहीं समझा, बल्कि उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया। यदि पुलिस मामले को गंभीरता से लेकर इलाज कराती तो वैष्णवी जिंदा होती।


गांववाले दे रहे तूल:मामा
बच्ची के मामा लालू का कहना है कि बच्ची को वे यातनाएं नहीं देते थे। गांववाले मामले को पता नहीं क्यों तूल दे रहे हैं। उनका परिवार बेकुसूर है।

पुलिस की रही लापरवाही
पूर्व प्रधान सतीश त्यागी ने बताया कि आरोपी तंत्र मंत्र का धंधा करते हैं। आरोपियों से पूछताछ न करना पुलिस की लापरवाही है।

बेटे को जिंदा रखने के लिए तो नहीं दी गईं यातनाएं
गांववालों का यह भी कहना है कि वैष्णवी का एक छोटा भाई भी है। उसके मामा-मामी के भी एक बेटा है। अंधविश्वास के कारण इनके घर में चर्चा थी कि वैष्णवी छोटे भाई पर भारी है और उसके जिंदा रहते उसके छोटे भाई की जान को खतरा था। ग्रामीण यातनाओं के पीछे इस मकसद को भी बता रहे हैं।

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