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Delhi NCR News: अक्तूबर-नवंबर के बीच होगी पहली कृत्रिम बारिश
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डीजीसीए ने आईआईटी कानपुर को दी अनुमति
नई दिल्ली। दिल्ली में अक्तूबर–नवंबर के बीच पहली कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। इसके लिए डीजीसीए ने आईआईटी कानपुर को अनुमति दे दी है। यह अनुमति 1 अक्तूबर से 30 नवंबर तक के लिए दी गई है। इससे सर्दियों में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए खुशी जाहिर की।
सिरसा ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में देश की पहली कृत्रिम बारिश का रास्ता अब औपचारिक रूप से खुल गया है। विमान को स्टैंडबाय पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम और वैज्ञानिक मानक अनुकूल होते ही 1 से 11 अक्तूबर के बीच प्रारंभिक ट्रायल किया जाएगा। इससे दिल्ली में लोगों को प्रदूषण से तुरंत राहत मिलेगी। आईआईटी कानपुर एयरक्राफ्ट वीटी-आईआईटी (सेस्ना 206एच) का उपयोग करेगा और डीजीसीए के निर्देशों का पालन करेगा।
अनुभवी और स्वस्थ पायलट विमान को उड़ाएंगे। सभी उड़ानें सुरक्षा मानकों, वीएफआर नियम, एटीसी क्लियरेंस और एयरपोर्ट प्राधिकरण के सहयोग से होंगी। उड़ान के दौरान पीएमओ, राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों से बचा जाएगा। हवाई फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी। देसी पायलट विभान उड़ाएंगे। पहले जुलाई में कृत्रिम बारिश होनी थी लेकिन इसे टाल दिया गया था। अब फिर से इसकी तैयारी चल रही है।
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नई दिल्ली। दिल्ली में अक्तूबर–नवंबर के बीच पहली कृत्रिम बारिश कराई जाएगी। इसके लिए डीजीसीए ने आईआईटी कानपुर को अनुमति दे दी है। यह अनुमति 1 अक्तूबर से 30 नवंबर तक के लिए दी गई है। इससे सर्दियों में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी। पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को इसकी जानकारी देते हुए खुशी जाहिर की।
सिरसा ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ लड़ाई में देश की पहली कृत्रिम बारिश का रास्ता अब औपचारिक रूप से खुल गया है। विमान को स्टैंडबाय पर रखने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम और वैज्ञानिक मानक अनुकूल होते ही 1 से 11 अक्तूबर के बीच प्रारंभिक ट्रायल किया जाएगा। इससे दिल्ली में लोगों को प्रदूषण से तुरंत राहत मिलेगी। आईआईटी कानपुर एयरक्राफ्ट वीटी-आईआईटी (सेस्ना 206एच) का उपयोग करेगा और डीजीसीए के निर्देशों का पालन करेगा।
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अनुभवी और स्वस्थ पायलट विमान को उड़ाएंगे। सभी उड़ानें सुरक्षा मानकों, वीएफआर नियम, एटीसी क्लियरेंस और एयरपोर्ट प्राधिकरण के सहयोग से होंगी। उड़ान के दौरान पीएमओ, राष्ट्रपति भवन जैसे प्रतिबंधित क्षेत्रों से बचा जाएगा। हवाई फोटोग्राफी की अनुमति नहीं होगी। देसी पायलट विभान उड़ाएंगे। पहले जुलाई में कृत्रिम बारिश होनी थी लेकिन इसे टाल दिया गया था। अब फिर से इसकी तैयारी चल रही है।
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