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शादी में गया परिवार जाट आंदोलन की ‘आग’ में फंसा
अमर उजाला, गाजियाबाद
Updated Fri, 26 Feb 2016 01:46 PM IST
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मुजफ्फरनगर से हरियाणा शादी में गया एक परिवार भी आरक्षण आंदोलन के बवाल में फंस गया। तीन दिन के लिए रिश्तेदारी में गया यह परिवार बवाल के चलते 10 दिन तक हरियाणा से निकल पाया।
आरक्षण आंदोलन की ‘आग’ ठंडी हुई तो बृहस्पतिवार को यह परिवार गाजियाबाद होते हुए मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुआ। हालांकि ट्रेनों के कैंसल होने से उन्हें बृहस्पतिवार को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मुजफ्फरनगर की रहने वाली सुदेश भाटिया ने बताया कि वह अपनी बहन और दो बच्चों के साथ हरियाणा के टोहना में शादी में शामिल होने 10 दिन पहले गए थे। शादी संपन्न होने के बाद उन्हें बीते सप्ताह ही वापस लौटना था।
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इसी दौरान जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हो गया। रिश्तेदारों ने उन्हें बवाल के बीच जाने से रोक लिया। सुदेश भाटिया ने बताया कि हालात ज्यादा बिगड़ा तो डर लगता था कि कहीं सफर के दौरान अनहोनी न हो जाए।
ऐसे में उन्होंने बवाल के शांत होने का इंतजार किया। 10 दिन बाद वह बृहस्पतिवार को पहले हरियाणा से गाजियाबाद पहुंचे। यहां से उन्हें शालीमार एक्सप्रेस से मुजफ्फरनगर जाना था।
गाजियाबाद पहुंचकर पता चला कि शालीमार एक्सप्रेस भी कैंसल है। इसके बाद उन्होंने सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन से मुजफ्फरनगर जाने का फैसला किया।
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आरक्षण आंदोलन की ‘आग’ ठंडी हुई तो बृहस्पतिवार को यह परिवार गाजियाबाद होते हुए मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुआ। हालांकि ट्रेनों के कैंसल होने से उन्हें बृहस्पतिवार को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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मुजफ्फरनगर की रहने वाली सुदेश भाटिया ने बताया कि वह अपनी बहन और दो बच्चों के साथ हरियाणा के टोहना में शादी में शामिल होने 10 दिन पहले गए थे। शादी संपन्न होने के बाद उन्हें बीते सप्ताह ही वापस लौटना था।
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इसी दौरान जाट आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन शुरू हो गया। रिश्तेदारों ने उन्हें बवाल के बीच जाने से रोक लिया। सुदेश भाटिया ने बताया कि हालात ज्यादा बिगड़ा तो डर लगता था कि कहीं सफर के दौरान अनहोनी न हो जाए।
ऐसे में उन्होंने बवाल के शांत होने का इंतजार किया। 10 दिन बाद वह बृहस्पतिवार को पहले हरियाणा से गाजियाबाद पहुंचे। यहां से उन्हें शालीमार एक्सप्रेस से मुजफ्फरनगर जाना था।
गाजियाबाद पहुंचकर पता चला कि शालीमार एक्सप्रेस भी कैंसल है। इसके बाद उन्होंने सहारनपुर पैसेंजर ट्रेन से मुजफ्फरनगर जाने का फैसला किया।