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यात्रियों पर सर्जिकल स्ट्राइक का असर, अमृतसर और बाघा बॉर्डर जाने से बच रहे लोग
भोला पांडेय/अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Thu, 13 Oct 2016 12:37 AM IST
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इंदौर अमृतसर एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
पाकिस्तान के खिलाफ की गई सर्जिकल स्ट्राइक का असर अमृतसर जाने वाले यात्रियों पर भी पड़ा है। चूंकि अमृतसर बॉर्डर क्षेत्र का इलाका माना जाता है। यहां से लाहौर की दूरी करीब 50 किमी. है। जबकि बाघा बॉर्डर महज 20 किमी. है।
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यही कारण है कि दोनों देशों के बीच सीमा पर बढ़ते तनाव को देखते हुए यात्री अभी अमृतसर और बाघा बॉर्डर जाने से बच रहे हैं। बल्लभगढ़ और फरीदाबाद होते हुए अमृतसर जाने वाली अधिकांश ट्रेनों में सीटें खाली हैं। जानकर हैरानी होगी कि त्योहारी सीजन में जहां पहले गाड़ियों की वेटिंग लिस्ट 250 से 300 तक होती थी, आज वह घटकर 20 तक पहुंच गई है।
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जानकारों का कहना है कि जब तक बॉर्डर पर तनाव की स्थिति होगी, लोग अमृतसर कम ही आएंगे। बुधवार को ओल्ड स्टेशन पहुंची 19325 इंदौर अमृतसर एक्सप्रेस में यात्रियों की संख्या न के बराबर थी। अधिकांश कोच खाली दिखाई दिए।
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ज्ञात हो कि 18 सितंबर को पाकिस्तानी आतंकियों ने उड़ी सेक्टर में सेना के कैंप पर हमला बोल दिया, जिसमें 19 सैनिक शहीद हो गए। देशभर में पाकिस्तान पर हमला करने के लिए विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। केंद्र सरकार ने रणनीति के तहत सेना को खुली कार्रवाई करने का अधिकार दे दिया।
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वेटिंग 250 से घटकर 20 तक पहुंची
रेल
- फोटो : अमर उजाला
सेना के स्पेशल कमांडो फोर्स के जवानों ने 29 सितंबर को सर्जिकल स्ट्राइक कर पीओके में घुसकर कई आतंकियों के अड्डे को तहस नहस कर दिया। 40 से अधिक आतंकियों और दो पाक सैनिकों के मारे जाने की खबर आई।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत पाक सीमा पर तनाव बढ़ गया। युद्ध जैसे हालात को देखते हुए अमृतसर जाने वाले यात्रियों की संख्या भी कम होने लगी।
बाघा बॉर्डर जाने से बच रहे यात्री
रेलवे सूत्रों की मानें तो बल्लभगढ़ और फरीदाबाद से प्रतिदिन 100-125 यात्री अमृतसर जाने के लिए टिकट बनवाते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर बेहद कम हो गई है। त्योहारी सीजन में यहां से हर साल बड़ी संख्या में लोग बॉर्डर देखने जाते थे लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यात्री यहां जाने से बच रहे हैं।
ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट हुई कम
फरीदाबाद से अमृतसर जाने के लिए पांच गाड़ियां चलती हैं। इनमें 11057 अमृतसर एक्सप्रेस, 12715 सचखंड एक्सप्रेस, 12903 गोल्डन टैंपल, 18223 छत्तीसगढ़ और 19325 इंदौर अमृतसर गाड़ियां चलती हैं।
त्यौहारी सीजन में पहले इन गाड़ियों में प्रतिदिन वेटिंग लिस्ट 250 से 300 तक हुआ करती थी लेकिन अब वेटिंग लिस्ट की संख्या घटकर 20 तक आ गई है। विभागीय अधिकारी भी इस बात को मान रहे हैं कि बॉर्डर पर तनाव का असर यात्रियों पर पड़ रहा है।
सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत पाक सीमा पर तनाव बढ़ गया। युद्ध जैसे हालात को देखते हुए अमृतसर जाने वाले यात्रियों की संख्या भी कम होने लगी।
बाघा बॉर्डर जाने से बच रहे यात्री
रेलवे सूत्रों की मानें तो बल्लभगढ़ और फरीदाबाद से प्रतिदिन 100-125 यात्री अमृतसर जाने के लिए टिकट बनवाते थे, लेकिन अब यह संख्या घटकर बेहद कम हो गई है। त्योहारी सीजन में यहां से हर साल बड़ी संख्या में लोग बॉर्डर देखने जाते थे लेकिन सर्जिकल स्ट्राइक के बाद यात्री यहां जाने से बच रहे हैं।
ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट हुई कम
फरीदाबाद से अमृतसर जाने के लिए पांच गाड़ियां चलती हैं। इनमें 11057 अमृतसर एक्सप्रेस, 12715 सचखंड एक्सप्रेस, 12903 गोल्डन टैंपल, 18223 छत्तीसगढ़ और 19325 इंदौर अमृतसर गाड़ियां चलती हैं।
त्यौहारी सीजन में पहले इन गाड़ियों में प्रतिदिन वेटिंग लिस्ट 250 से 300 तक हुआ करती थी लेकिन अब वेटिंग लिस्ट की संख्या घटकर 20 तक आ गई है। विभागीय अधिकारी भी इस बात को मान रहे हैं कि बॉर्डर पर तनाव का असर यात्रियों पर पड़ रहा है।