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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The Delhi High Court summoned the Railways for not issuing a disability card to a Parkinson's patient.

Delhi NCR News: दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे को पार्किंसंस रोगी को दिव्यांग कार्ड न देने पर तलब किया

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 06:30 PM IST
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- 60 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण पत्र होने के बावजूद ऑनलाइन रियायती टिकट से वंचित, हर बार काउंटर जाने को मजबूर
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- अगली सुनवाई 12 अक्टूबर को, रेलवे से मांगा जवाब

गौरव बाजपेई
नई दिल्ली।
दिल्ली हाईकोर्ट ने रेलवे दिव्यांग फोटो आईडी कार्ड जारी करने से इनकार करने के मामले में केंद्र सरकार और रेलवे प्रशासन को नोटिस जारी किया है। कार्रवाई पार्किंसंस रोग से पीड़ित 37 वर्षीय व्यक्ति धनंजय कुमार की याचिका पर हुई है, जिसमें उन्होंने रेलवे के फैसले को मनमाना और भेदभावपूर्ण करार दिया है। याचिका में दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 का हवाला देते हुए रेलवे के फैसले को चुनौती दी गई है और रेलवे दिव्यांग कार्ड जारी करने का निर्देश देने की मांग की गई है। न्यायमूर्ति अमित बंसल की पीठ ने इस मामले में केंद्र और रेलवे अधिकारियों से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की है।
याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अंकित सिंह सिनसिनवार ने बताया कि धनंजय कुमार को वर्ष 2022 में पार्किंसंस रोग का पता चला था, जो एक गंभीर तंत्रिका संबंधी विकार है, जो शारीरिक संतुलन और चलने-फिरने में कठिनाई पैदा करता है। उन्हें 60 प्रतिशत स्थायी दिव्यांगता प्रमाणित की गई थी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा 19 मार्च 2025 को उन्हें स्थायी दिव्यांगता प्रमाण पत्र और यूनिक डिसेबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड जारी किया गया था। इसके अलावा, गाज़ियाबाद के एम.एम.जी. जिला अस्पताल के एक वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक सर्जन द्वारा 7 अप्रैल 2025 को उन्हें रेलवे रियायत प्रमाण पत्र भी जारी किया गया था।
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हालांकि, जब धनंजय ने रेलवे के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से रेलवे दिव्यांगन रियायत कार्ड के लिए आवेदन किया, तो उनके आवेदन को 22 दिसंबर 2025 को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया कि वे रेलवे द्वारा निर्धारित दिव्यांगता की श्रेणी में नहीं आते हैं। याचिकाकर्ता के अनुसार, रेलवे द्वारा जनवरी 2026 में उनकी शिकायत को भी खारिज कर दिया गया। याचिका में कहा गया है कि धनंजय कुमार पहले से ही आरक्षण काउंटरों पर जाकर रियायती टिकट ले रहे हैं, लेकिन दिव्यांगन कार्ड न मिलने के कारण वे ऑनलाइन टिकट बुक करने में असमर्थ हैं।
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