वेंटिलेटर न मिलने से में बच्ची की मौत, देखने की बजाए टालते रहे डॉक्टर
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वहीं सूत्रों का कहना है कि सोमवार रात ही दो और मरीजों की वेंटिलेटर न मिलने से मौत हुई है। इसमें उत्तर प्रदेश के एटा निवासी बुजुर्ग (60) भी शामिल हैं। बताया जा रहा है कि होली के आसपास ही इस बुजुर्ग मरीज के दिमाग का ऑपरेशन हुआ था, जिनकी सोमवार रात तबियत बिगड़ गई थी।
इन मौतों पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में पर्याप्त वेंटिलेटर है, लेकिन जब मरीज ज्यादा होते हैं तो मरीज को मैनुअल वेंटिलेटर देते हैं। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि चिकित्सीय लापरवाही को लेकर उनके पास शिकायत नहीं आई है। अगर परिजन शिकायत करते हैं तो वे इसकी उच्च स्तरीय जांच कराएंगे।
फाड़कर फेंक दिया सिफारशी पत्र
दिल्ली के संगम विहार निवासी विनोद के मुताबिक, 26 फरवरी को उन्होंने अपनी बच्ची रितु को माइनर ब्रेन सर्जरी के लिए भर्ती कराया था। होली के दिन रितु ने उन्हें गुलाल लगाकर कहा था कि आप चिंता मत करिए, मैं ठीक हो जाऊंगी।
विनोद ने बताया कि अस्पताल में बुलाने के बाद भी ऑपरेशन नहीं किया गया। जब वे चिकित्सा अधीक्षक के पास पहुंचे तो 2 मार्च को बच्ची का ऑपरेशन हुआ। आरोप है कि डॉक्टरों को उनकी शिकायत पसंद नहीं आई और उन्होंने एमएस की लिखी सिफारशी चिट्ठी को वहीं फाड़कर उसके मुंह पर फेंकते हुए कहा कि जिससे शिकायत करनी हो कर लो।
चार दिन तक रखा भूखा
बेटी की याद में रोते हुए विनोद ने बताया कि ऑपरेशन से पहले चार दिन तक उनकी बेटी को भूखा रखा गया। पहले 26 फरवरी को ऑपरेशन की तारीख मिली तो डॉक्टरों ने पूरे दिन उसे भूखा रखा। फिर अगले दिन की तारिख दी। यही सिलसिला अगले दो दिनों तक चलता रहा। लंबे समय तक भूखे रहने उसका इम्यून सिस्टम लगातार कमजोर होता रहा।
इस दौरान हल्का जुकाम हुआ, जिसकी वजह से सर्जरी टाल दी गई और मरीज को जबरन डिस्चार्ज किया जाने लगा। उन्होंने एमएस ऑफिस में जाकर किसी तरह डिस्चार्ज को रुकवाया। इसके लिए उसे हर दिन ड्यूटी पर आने वाले डॉक्टर से खरी-खोटी भी सुननी पड़ी।
वेंटिलेटर खाली तो मरीज की मौत क्यों
इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों और प्रबंधन का कहना है कि अस्पताल में वेंटिलेटर की परेशानी नहीं है। ऐसे में सवाल है कि आखिर वेंटिलेटर खाली होने के बाद भी मरीज को बचाया क्यों नहीं जा सका। जबकि वह एक घंटे तक बिस्तर पर पड़ी सांस लेने में परेशानी का हवाला देती रही। विनोद ने इन सवालों के साथ अपनी बेटी की मौत की जांच कराने की मांग भी की है।