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चाइनीज ई-रिक्शा के भारत में आने पर कोर्ट की नाराजगी

Sun, 10 Aug 2014 12:54 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 10 Aug 2014 12:54 AM IST
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The Court expressed its displeasure over Chinese e-rickshaws in India

दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश से चाइना के ई-रिक्शा बाजार को झटका लग सकता है। कोर्ट ने चीन से भारत में ई-रिक्शा के आने पर नाराजगी प्रकट की है।

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पंजीकरण के बाद केवल इंडियन ई-रिक्शा का ही संचालन हो पाएगा। चीन से ई-रिक्शा का आयात अब एमवी एक्ट के तहत किया जा सकेगा, जोकि टैक्स लगने के कारण काफी महंगा हो जाएगा।
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भारतीय बाजार पर हावी होते जा रहे चीन का अगला धावा वाहन बाजार पर था। ई-रिक्शा के रूप में चीन ने अपने वाहनों की बड़ी खेप भारतीय बाजार में उतार दी थी।

काफी सस्ते होने के कारण ई-रिक्शा बनाने वाली भारतीय कंपनियों को इससे कड़ा मुकाबला करना पड़ रहा था। पिछले सप्ताह ई-रिक्शा पर रोक लगाने से चीन के बाजार को झटका लगा था।
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बांग्लादेश में रोक के बाद चीन ने भारतीय बाजार में ई-रिक्शा की बड़ी खेप उतारी थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को अपने फैसले में चीनी व्हीकल को भी निशाने पर रखा है।


कोर्ट ने जानना चाहा कि किस प्रकार एक विदेशी वाहन बिना पंजीकरण के भारतीय सड़कों पर दौड़ने लगे। कोर्ट ने ई-रिक्शा को मोटर व्हीकल एक्ट में लाकर पंजीकरण और बीमा कराने के आदेश दिए हैं।

यदि ऐसा होता है तो चीन के ई-रिक्शा को झटका लगेगा। एमवी एक्ट में आने के बाद चीन का रिक्शा विदेशी वाहनों की श्रेणी में आ जाएगा और उस पर टैक्स लगेगा। इससे यह इंडियन रिक्शा से महंगा पड़ेगा।

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