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जल्द ही बदलेगी इस शहर की तस्वीर, हैपनिंग हरियाणा के चलते मिले ज्यादा प्रस्ताव
यशलोक सिंह/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Mon, 30 May 2016 01:54 PM IST
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गुड़गांव
आने वाले दो वर्षों में साइबर सिटी की औद्योगिक तस्वीर पूरी तरह से बदल जाएगी। हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान देश-विदेश के निवेशकों ने निवेश के जितने भी प्रस्ताव दिए, उसमें गुड़गांव की हिस्सेदारी सबसे अधिक है।
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हर निवेशक की पहली पसंद गुड़गांव है। यही कारण है कि अगर निवेश प्रस्ताव तेजी से परवान चढे़ तो शहर में उद्योगों का भरपूर विकास होगा और रोजगार की भी संभावनाएं बढ़ेंगी। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने अपने प्रयास और तेज कर दिए हैं। वह हर निवेशक के साथ लगातार संपर्क में है। हैपनिंग हरियाणा के दौरान कुल 359 एमओयू साइन किए गए थे।
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देश-विदेश के अधिकतर बड़े निवेशक गुड़गांव में उद्योग लगाने को लेकर उत्साहित हैं। उन्हें यहां ग्रोथ की सबसे अधिक संभावनाएं नजर आ रही हैं। दिल्ली व एयरपोर्ट के नजदीक होने, कनेक्टिविटी की बेहतर सुविधा, और इंफ्रास्ट्रक्चर का शानदार ढांचा गुड़गांव को इस मामले में बढ़त दे रहा है। औद्योगिक विशेषज्ञों की भी यही राय है।
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हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एचएसआईआईडीसी) के डायरेक्टर अतुल मुखी का कहना है कि ग्लोबल इन्वेस्टर समिट के दौरान आए निवेश के सभी प्रस्ताव दो साल में परवान चढ़ जाएंगे। मनोहर लाल की सरकार इस दिशा में अपने प्रयास काफी तेज कर चुकी है।
उद्यमियों का कहना है कि निवेश आने व नए उद्योगों के स्थापित होने से पुराने उद्योगों को भी गति मिलेगी। प्रदेश सरकार ने 10 करोड़ रुपये तक के उद्योगों की स्थापना की नीति का सरलीकरण कर इसकी शुरुआत कर दी है। इनके लिए सभी प्रकार के क्लियरेंस जिला स्तर पर ही मिल जाएंगे।
आईएमटी मानेसर इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के महासचिव मनोज त्यागी ने बताया कि निवेश के प्रस्तावों को अमलीजामा पहनाने की जो शुरुआत प्रदेश सरकार कर रही है, वह सराहनीय है। इसके लिए जिला स्तरीय क्लियरेंस कमेटी (डीएलसीसी) का गठन किया जा चुका है।
रिलेशनशिप मैनेजरों की सक्रियता बढ़ी
प्रदेश में निवेश करने के इच्छुक हर निवेशक के साथ हरियाणा सरकार ने एक-एक इन्वेस्टर लगा दिया है। इन सभी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इनका कार्य निवेशकों को सरकारी विभागों से सभी प्रकार के क्लियरेंस को बिना किसी बाधा के दिलवाना है।