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दिल्ली के रिहायशी इलाकों की बदली तस्वीर: कहीं पीजी तो कहीं कारोबार, ऊपर घर और नीचे गोदाम; दिन भर हलचल
Sat, 12 Sep 2026 03:21 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 12 Sep 2026 03:21 AM IST
सार
जिन घरों और फ्लैटों में पहले परिवार रहते थे, उनमें अब कहीं पीजी-हॉस्टल चल रहे हैं तो कहीं कोचिंग सेंटर, कार्यालय, सैलून और दुकानें संचालित हो रही हैं।
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सत्य निकेतन
- फोटो : संवाद / भूपिंदर सिंह
विस्तार
दिल्ली की रिहायशी कॉलोनियों में मकानों के इस्तेमाल का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। जिन घरों और फ्लैटों में पहले परिवार रहते थे, उनमें अब कहीं पीजी-हॉस्टल चल रहे हैं तो कहीं कोचिंग सेंटर, कार्यालय, सैलून और दुकानें संचालित हो रही हैं। कई इलाकों में मकानों का पूरा ग्राउंड फ्लोर कारोबारी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे एक ही रिहायशी इलाके में आवासीय और कारोबारी गतिविधियां साथ-साथ नजर आने लगी हैं।
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सत्य निकेतन में आवासीय मकानों का पीजी और हॉस्टल के रूप में इस्तेमाल लंबे समय से चर्चा में है। लक्ष्मी नगर में कोचिंग संस्थानों, लाइब्रेरी और विद्यार्थियों से जुड़ी गतिविधियों के साथ पीजी का विस्तार रिहायशी हिस्सों तक हुआ है। मुखर्जी नगर में भी कोचिंग, लाइब्रेरी, पीजी और हॉस्टल के कारण भवनों का उपयोग पारंपरिक आवासीय गतिविधियों से अलग हो गया है। यह बदलाव विद्यार्थी बहुल इलाकों तक सीमित नहीं है। मालवीय नगर, गोविंदपुरी, करोल बाग, जनकपुरी और विकासपुरी समेत दक्षिण दिल्ली के कई हिस्सों में भी आवासीय संपत्तियों के विभिन्न कारोबारी इस्तेमाल के उदाहरण सामने आते हैं।
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डीडीए की कई कॉलोनियों में ग्राउंड फ्लोर पर यह बदलाव अधिक स्पष्ट दिखाई देता है। फ्लैटों और मकानों के बाहर दुकान, कार्यालय, क्लिनिक, सैलून और ट्यूशन सेंटर के साइन बोर्ड नजर आते हैं। कुछ जगह गतिविधियां भवन के भीतर तक संचालित हो रही हैं। इसके चलते सामान्य आवासीय माहौल वाले इलाकों में ग्राहकों, कर्मचारियों, विद्यार्थियों और डिलीवरी वाहनों की आवाजाही बढ़ी है।
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रिहायशी इलाके की सड़क पर कारोबार के लिए सिर्फ दुकानें काफी नहीं, नोटिफिकेशन जरूरी : रिहायशी इलाके की सड़क पर दुकान या अन्य कारोबारी गतिविधियां चलने मात्र से उसे मिश्रित उपयोग वाली सड़क नहीं माना जा सकता। मास्टर प्लान में इसके लिए सड़क की चौड़ाई, कॉलोनी की श्रेणी, अनुमत गतिविधियों और अधिसूचना की प्रक्रिया तय है। यदि किसी सड़क या उसके हिस्से में 50 प्रतिशत से अधिक प्लॉटों के ग्राउंड फ्लोर पर अनुमत दुकानें, कार्यालय या स्थानीय शॉपिंग सेंटर में अनुमत गतिविधियां चल रही हों तो वह सड़क मिश्रित उपयोग के लिए अधिसूचित किए जाने की पात्र हो सकती है।
- नियमित प्लॉटेड रिहायशी क्षेत्रों में सी और डी श्रेणी की कॉलोनियों के लिए न्यूनतम 18 मीटर, जबकि ई, एफ और जी श्रेणी के लिए 13.5 मीटर सड़क चौड़ाई का मानदंड है। महत्वपूर्ण यह है कि इन शर्तों का पूरा होना अपने आप कारोबारी गतिविधि को वैध नहीं बनाता। मिश्रित उपयोग वाली सड़क को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अधिसूचित किया जाना जरूरी है।