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देवदूत बनकर आया नफीस: 10 किलोमीटर तक सड़क पर दौड़ती रही जलती हुई बस, सोते श्रद्धालुओं को जगाकर बचाई जान

Sat, 18 May 2024 08:57 PM IST
श्याम जी. मोहम्मद शाहिद मेवाती, अमर उजाला, गुरुग्राम
मोहम्मद शाहिद मेवाती, अमर उजाला, गुरुग्राम Published by: श्याम जी. Updated Sat, 18 May 2024 08:57 PM IST
सार

बस रुकी तो उस समय एक बुजुर्ग महिला जाग रही थी, जिसने साथी श्रद्धालुओं को जगाना शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं ने बताया कि बस में कोई इमरजेंसी दरवाजा नहीं था। एक ही दरवाजे से निकलना एक साथ सभी के लिए मुश्किल हो गया।

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The burning bus Fire broke out in a bus filled with devotees in Gurugram
द बर्निंग बस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तावडू उपमंडल में केएमपी मार्ग पर श्रद्धालुओं से भरी द बर्निंग बस दौड़ती ही जा रही थी। इसके चालक को भी यह जानकारी नहीं थी कि बस के पिछले हिस्से में आग लग चुकी है। दिन में भी सुनसान रहने वाले इस हाईवे पर एक स्थानीय युवक नफीस श्रद्धालुओं के लिए देवदूत बनकर आया। हाईवे से होते हुए अपने दो साथियों तालीम व अन्य के साथ घर जा रहे नफीस के बराबर से जब तेज रफ्तार बस गुजरी तो उसने देखा कि बस के अगले हिस्से में आग लगी हुई है। यह आग नीचे की ओर से होते हुए पीछे तक थोड़ी-थोड़ी नजर आ रही थी। 

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इस पर नफीस और उसके साथी चिल्लाए, मगर तब तक तेज रफ्तार बस बहुत दूर जा चुकी थी। इस पर नफीस ने अपने साथियों के साथ जलती बस का पीछा शुरू कर दिया। करीब दस किलोमीटर तक नफीस और उसके साथ जलती बस के पीछे चिल्लाते हुए अपनी बाइक दौड़ाते रहे। बाद में बस के आगे अपनी बाइक लगाकर उसे रुकवाया और चालक को आग लगने की सूचना दी।

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नफीस ने बताया कि रात के समय में कुंडली मानेसर पलवल एक्सप्रेस वे पर एक बस में मानेसर की ओर जा रही थी। इससे आग की लपटें निकल रही थी। इसे देखते ही वह तुरंत समझ गया कि बस में आग लग रही है। जबकि चालक को इसकी जानकारी नहीं है। इसके बाद नफीस ने मोटरसाइकिल पर सवार होकर बस का पीछा करना शुरू कर दिया। नफीस ने बताया कि चालक को आग लगने की जानकारी जब मिली तो वह एकाएक घबरा गया। चूंकि आधी से ज्यादा रात बीत चुकी थी। ऐसे में बस में सवार ज्यादातर श्रद्धालु सोए हुए थे। इसके बाद बस चालक ने शोर मचाकर सो रहे श्रद्धालुओं को जगाने का प्रयास किया। जैसे ही बस रुकी तो उस समय एक बुजुर्ग महिला जाग रही थी, जिसने साथी श्रद्धालुओं को जगाना शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं ने बताया कि बस में कोई इमरजेंसी दरवाजा नहीं था। एक ही दरवाजे से निकलना एक साथ सभी के लिए मुश्किल हो गया।

बचाव कार्य के लिए पहुंचे ग्रामीण

बस में लगी आग और हाईवे पर चीख-पुकार सुनकर केएमपी के पास स्थित धुलावट गांव की ढाणियों से बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटना स्थल पर पहुंच गए। नफीस की सूझबूझ से सभी ग्रामीणों ने बस में सवार श्रद्धालुओं को निकालना के प्रयास शुरू कर दिए। ग्रामीणों ने बताया कि बस के अगले हिस्से में तेज आग लग रही थी। इसलिए यह संभव नहीं था कि बस के अगले हिस्से से श्रद्धालुओं को निकाला जाए। ग्रामीणों ने बस के पिछले हिस्से की खिड़कियों को तोड़कर श्रद्धालुओं को निकालना शुरू कर दिया।

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सिलिंडर की आग को देखकर भयभीत हुए ग्रामीण

ग्रामीणों ने बस में सवार सभी श्रद्धालुओं को बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन बस में सिलिंडर भी रखे हुए थे। जोकि आग लगने के कारण लीक हो गए थे और उन्होंने भी आग पकड़ ली थी। इससे ग्रामीण भयभीत हो गए। हालांकि उन्होंने बचाव कार्य जारी रखा। ग्रामीणों के मुताबिक यदि बस में सिलिंडर नहीं होते तो शायद वह सभी को आसानी से बचा सकते थे।

हाईवे पर बाइक सवार युवकों को पीछा करते देख चालक समझा बदमाश हैं

तालीम नामक युवक ने बताया कि जब बस को रुकवाने के लिए मोटरसाइकिल से पीछा कर रोकने के लिए आवाज लगाई जा रही थी तो बस चालक घबरा गया। सुनसान हाईवे पर बाइक सवारों को अपने पीछे तेजी से आता देख बस चालक शायद घबरा गया था। यही कारण रहा होगा कि उसने बस को रोकने की बजाय और तेजी से दौड़ाना शुरू कर दी। इसके बाद बाइक सवार युवकों ने अपनी बाइक को बस के आगे ले जाकर बस को रुकवाया।

श्रद्धालुओं का दावा लाखों रुपये का सामान व नकदी जलकर हुई राख

बस में सवार श्रद्धालुओं ने बताया कि बस के केबिन व लोकरों में उनके बैग और बक्से रखे हुए थे। इनमें लाखों रुपये कीमत के सोने चांदी के आभूषण, पूजा सामग्री, खाद्य सामग्री और नकदी थी। इस आग में सब कुछ जलकर जलकर राख हो गया। हादसे के बाद कुछ श्रद्धालु अपने सामान को खोजते रहे।

निजी अस्पतालों पर मनमानी का आरोप

हादसे में घायलों को नगर के सरकारी अस्पताल सहित निजी अस्पतालों में भी ले जाया गया। तावडू नगर के नूंह मार्ग पर स्थित एक निजी अस्पताल में पहुंचे एक घायल के परिजन हंसराज शर्मा ने कहा कि उपचार के लिए मरीज घंटे भर तक इंतजार करते रहे, लेकिन चिकित्सक नहीं पहुंचे। निजी अस्पताल संचालकों ने एंबुलेंस का बहुत ज्यादा चार्ज बताया। जबकि हादसे में उनका सामान सहित नकदी भी गायब हो गई थी।

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