ये 9 बातें बताएंगी आपको डेंगू है या मलेरिया
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आपको यदि डेंगू की पुष्टि हुई है, तो मलेरिया की जांच भी करा लें। हालांकि यह जांचें सरकारी अस्पतालों में कराएं क्योंकि निजी अस्पतालों में इन जांचों के लिए आपको काफी जेब ढीली करनी पड़ेगी।
डॉक्टरों के मुताबिक इस सीजन में ऐसे रोगी भी मिल रहे हैं, जिनमें डेंगू और मलेरिया दोनों की पुष्टि हो रही है। कैलाश अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट फिजीशियन डॉ.एके शुक्ल बताते हैं कि कुछ मरीजों में डेंगू और मलेरिया, दोनों की पुष्टि हो रही है।
स्पष्ट है कि इन दिनों डेंगू के लिए जिम्मेदार एडीज मच्छर ही नहीं मलेरिया फैलाने वाला एनाफिलीज भी काफी एक्टिव है। इसलिए सावधानी बेहद जरूरी है।
ईएसआई अस्पताल की पैथोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. ऊषा भोरिया बताती हैं कि मरीजों में डेंगू के साथ मलेरिया की पुष्टि भी हुई है। एक साथ दो बीमारियों का होना काफी खतरनाक है।
इन 9 बातों से जाने डेंगू या फिर है मलेरिया
लक्षण--डेंगू
-तेज बुखार के साथ सिर दर्द और बदन दर्द होना।
-शरीर में शिथिलता आना और बेहद कमजोरी महसूस करना।
-हाथ, पैर और आंखों में लाल चकत्ते पड़ना।
-शरीर के किसी भी हिस्से से रक्त स्राव होना। जैसे- त्वचा, दांत, नाक और पेशाब में खून आना।
लक्षण--मलेरिया--
-ठंड देकर बुखार आना
-सिर और बदन दर्द
-कमजोरी, उल्टी हो सकती है
-भूख कम हो जाना
-दिमाग पर असर कर जाएं तो बेहोशी और झटके आना
-मच्छरों से बचाव ही डेंगू और मलेरिया से बचने का एक उपाय है। इसलिए मच्छरों को पनपने न दें। अपने घर और आसपास में पानी एकत्रित न होने दें। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखें।
डेंगू बना आफत, अब तक 800 रोगी
शहर के सरकारी और निजी अस्पतालों की ओर से इस सीजन में डेंगू के अब तक करीब 800 रोगियों की पुष्टि की जा चुकी है। इनमें ईएसआई अस्पताल में डेंगू पॉजिटिव रोगियों की संख्या 424 हो गई है। वहीं जिला अस्पताल 204 रोगियों में डेंगू की पुष्टि कर चुका है। बाकी मरीज निजी अस्पतालों के हैं।
हालांकि इस संख्या की जिला मलेरिया विभाग ने पुष्टि नहीं की है। मलेरिया विभाग के आंकड़ों में डेंगू रोगियों की संख्या सौ तक भी नहीं पहुंची है। अस्पतालों में डेंगू रोगियों की भीड़ है। अतिरिक्त बेड भी कम पड़ रहे हैं। एक एक के बेड पर दो दो रोगियों को भर्ती किया जा रहा है। भीड़ के कारण इमरजेंसी का भी बुरा हाल है।
ईएसआई के तीन रोगियों को मिलाकर डेंगू से पांच रोगियों की मौत हो चुकी है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग दिल्ली के अस्पताल में हुए नोएडा के एक रोगी की डेंगू से मौत की पुष्टि कर रहा है। सीएमओ डॉ. आरके गर्ग ईएसआई और निजी अस्पतालों को आदेश जारी कर काउंटर जांच के लिए एलाइजा पॉजिटिव मशीन से ही पुष्टि किए गए डेंगू रोगियों का ब्लड का नमूना भेजने की बात कह चुके हैं। रैपिड किट से डेंगू जांच को मान्य नहीं माना जा रहा है और इस विधि से काउंटर जांच के लिए नमूना भेजने पर पाबंदी लगा दी गई है। काउंटर जांच दिल्ली के राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) में कराई जाती है।