बिस्तर से गिरकर टूटी थी जांघ, अब 52 साल बाद चले कदम
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सीता सूद जब छह माह की थी, उसी समय बिस्तर से गिरने से हिप को जोड़ने वाली जांघ की हड्डी टूट गई थी। सही तरीके से इलाज नहीं मिल पाने से वह लंगड़ा कर चलने को मजबूर थीं।
लेकिन 52 वर्ष बाद जब हिप रिप्लेसमेंट किया गया तब जाकर वह सीधी खड़ी हो पा रही हैं और चल पा रही हैं। बीएलके अस्पताल के सीनियर कंसलटेंट और ज्वाइंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जन डॉक्टर राकेश महाजन ने बताया कि जांच में पता चला कि सीता का हिप पूरी तहर से खिसक गया है।
इस वजह से कप और बॉल सॉकेट पांच सेमी ऊंचा हो गया था, जिससे पैर की पेशी छोटी हो गई थी। ऐसी स्थिति में जांघ की हड्डी का सबसे ऊपरी हिस्सा सॉकेट में लाना काफी मुश्किल हो गया था।
छह महिने के उम्र में बिस्तर से गिरी थीं सीता
पेल्विस को फीमर से जोड़ने वाला एसिटेबुलम भी भर या था। लिहाजा फेमोरल हेड ग्राफ्ट करके एसिटेबलुम का पुनर्निमाण किया गया और हेड को घटाने के लिए फेमोरल ऑस्टियोटोमी की गई।
इसके बाद सीमेंटेड कंपोनेंट से टोटल हिप रिप्लेसमेंट सर्जरी की गई। सर्जरी तीन घंटे तक चली और कुछ दिन के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
डॉ. महाजन ने बताया कि छह माह की उम्र में ही मरीज बिस्तर से गिर गई थी और उसे गंभीर चोट लगी थी लेकिन सही तरीके से सर्जिकल उपचार नहीं कराया गया।
जिससे स्थिति गंभीर हो गई। चोट की वजह से मरीज के दाहिनी जांघ की हड्डी खिसक गई थी और उनका अंग 8 सेंटीमीटर छोटा हो गया था, इस वजह से मरीज 52 वर्ष तक चलने में असहाय बनी रही।