खुद को सबसे आगे क्यों मान रही है 'AAP'
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करीब सात महीने से दिल्ली में चुनाव कराने की मांग पर अड़ी आम आदमी पार्टी (आप) के लिए चुनाव आयोग का ऐलान राहत भरा रहा। पार्टी के भीतर सबसे ज्यादा चर्चा चुनाव प्रचार के लिए मिलने वाले समय पर हुई।
पार्टी नेता मान रहे हैं कि आयोग के जल्द चुनाव कराने के फैसले ने उसे दोनों विपक्षी पार्टियों पर शुरुआती बढ़त दिला दी है। नेताओं के दावे की वजहें भी हैं। दोनों पार्टियां जहां अभी तक उम्मीदवारों के नाम पर माथापच्ची कर रही हैं, वहीं आम आदमी पार्टी ने सभी सीटों के उम्मीदवारों के नाम का ऐलान कर रखा है।
सभी 70 विधानसभा सीटों पर पार्टी प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे हैं। वहीं, सोमवार शाम तक पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल की करीब 60 विधान सभाओं में सभाएं हो चुकी हैं। अगले कुछ दिनों में केजरीवाल के प्रचार अभियान का पहला राउंड भी पूरा हो जाएगा। फिर, पार्टी का ऑनलाइन कैंपेन भी पीक पर है।
इस तरह चल रहा है दिल्ली जीत का सफर
पार्टी ने फरवरी मध्य तक के लिए दिल्ली में बड़ी संख्या में कमर्शियल साइट बुक करा रखे हैं। इसके अलावा अलग-अलग तरीकों से वॉलेंटियर प्रचार अभियान को आगे बढ़े रहे हैं। दूसरी तरफ पार्टी दिल्ली के मुद्दों पर भी काम कर रही है।
महिला सुरक्षा, युवा, बिजली व पानी, स्वास्थ्य व शिक्षा और गांव के स्तर पर दिल्ली डायलॉग के माध्यम से पार्टी आम लोगों से संवाद कर चुकी है। अगले कुछ दिनों में शासन-प्रशासन, जन लोकपाल और ट्रैफिक व्यवस्था पर भी आप अपना ब्लू प्रिंट रखेगी।
चुनावी घोषणा पत्र के तौर हो रहा आप के मसौदे की खास बात यह है कि इसमें सरकार बनने के बाद वायदे को पूरा करने की पूरी कार्य योजना है। दिल्ली डायलॉग को पार्टी अपना यूएसपी बता रही है।
मनीष सिसौदिया कहते हैं कि आम आदमी पार्टी पूरी तरह से तैयार हैं। हम इसका काफी समय से इंतजार कर रहे थे। हम दिल्ली की जनता से अपील करना चाहते हैं कि वो ऐसी सरकार चुने जो वाकई में महंगाई पर लगाम लगा सके और दिल्ली को भ्रष्टाचार मुक्त बना सके। 10 फरवरी को दिल्ली इतिहास दोहराने को तैयार है।