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Delhi NCR News: मां स्कंदमाता की आराधना से गूंजे मंदिर, घरों में भी हुई पूजा-अर्चना
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श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में टेका माथा, भजन-कीर्तन और आरती के साथ की सुख-समृद्धि की कामना
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को राजधानी में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर मां के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर समिति के प्रवक्ता एनके सेठी ने बताया कि मंदिर में सुबह और शाम की आरती के साथ भजन-कीर्तन का कार्यक्रम हुआ। झंडेवाला देवी मंदिर समिति के अतिरिक्त प्रबंधक रविंद्र गोयल ने नवरात्र की तैयारियों के संबंध में बताया था कि श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए रानी झांसी मार्ग, देशबंधु गुप्ता मार्ग और वरुणालय की ओर से व्यवस्था की गई है।
सिद्धपीठ कालकाजी मंदिर में भी नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। मंदिर के पीठाधीश्वर एवं मुख्य महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना से सुख, शांति और संतान के कल्याण की कामना की जाती है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शारदीय नवरात्र के पांचवें दिन बृहस्पतिवार को राजधानी में मां दुर्गा के पांचवें स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पहुंचकर मां के दर्शन किए और परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।
छतरपुर स्थित श्री आद्या कात्यायनी शक्तिपीठ मंदिर में नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। मंदिर समिति के प्रवक्ता एनके सेठी ने बताया कि मंदिर में सुबह और शाम की आरती के साथ भजन-कीर्तन का कार्यक्रम हुआ। झंडेवाला देवी मंदिर समिति के अतिरिक्त प्रबंधक रविंद्र गोयल ने नवरात्र की तैयारियों के संबंध में बताया था कि श्रद्धालुओं के प्रवेश के लिए रानी झांसी मार्ग, देशबंधु गुप्ता मार्ग और वरुणालय की ओर से व्यवस्था की गई है।
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सिद्धपीठ कालकाजी मंदिर में भी नवरात्र के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया गया है। मंदिर के पीठाधीश्वर एवं मुख्य महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत ने बताया कि मां स्कंदमाता को भगवान कार्तिकेय की माता के रूप में पूजा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना से सुख, शांति और संतान के कल्याण की कामना की जाती है।
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