सीजन में पहली बार पारा 40 के पार: गुरुवार रहा साल का सबसे गर्म दिन, पसीने से तरबतर लोग; अभी और बढ़ेगा तापमान
दिल्ली में आने वाले दिनों में गर्मी का असर बना रहेगा। 17 अप्रैल को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और दोपहर या शाम के समय गरज के साथ बादल बनने की संभावना है।
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दिल्ली के लोगों को कई दिन से गर्मी का टॉर्चर झेलना पड़ रहा है। मौसम शुष्क बने रहने के चलते लगातार तापमान चढ़ रहा है। साथ ही, सूरज अपने कड़े तेवर दिखा रहा है। गुरुवार इस सीजन का पहला दिन रहा, जब पारा 40 डिग्री के पार दर्ज किया गया। साथ ही, यह इस साल का सबसे गर्म दिन भी रहा। वहीं, दिनभर तेज धूप के चलते लोगों को गर्मी का अहसास हुआ। इस दौरान लोग पसीने से तरबतर दिखाई दिए। सुबह से ही निकल रही तेज धूप ने लोगों को खासा परेशान किया हुआ था। साथ ही, गर्म हवाओं ने भी लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। इस दौरान अधिकतम तापमान 40.3 और न्यूनतम तापमान 20.3 डिग्री दर्ज हुआ। दिल्ली में अधिकतम आर्द्रता 73 प्रतिशत और न्यूनतम आर्द्रता 19 प्रतिशत रही।
हालांकि, फरवरी और मार्च के महीनों में दिन का तापमान 36 डिग्री सेल्सियस के पास जरूर पहुंचा था। साथ ही, बुधवार को भी पारा 39 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया था। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली में आने वाले दिनों में गर्मी का असर बना रहेगा। 17 अप्रैल को आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और दोपहर या शाम के समय गरज के साथ बादल बनने की संभावना है।
18 अप्रैल को दिन में मौसम साफ रहेगा, लेकिन शाम या रात में हल्के बादल दिखाई दे सकते हैं। वहीं, 19 अप्रैल को भी आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। इसके बाद 20 से 22 अप्रैल तक मौसम ज्यादातर साफ रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 39 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच और न्यूनतम तापमान करीब 20 से 24 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवाएं भी अलग-अलग दिशाओं से मध्यम गति से चलेंगी।
तेज गर्मी से बिगड़ रही लोगों की सेहत
भीषण गर्मी का असर अब साफ तौर पर लोगों की सेहत पर दिखने लगा है। गुरु तेग बहादुर अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में डिहाइड्रेशन, चक्कर और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ओपीडी में रोजाना बड़ी संख्या में लोग कमजोरी, उल्टी और बेहोशी जैसी शिकायतों के साथ पहुंच रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार तेज गर्मी और लू के कारण कई मरीजों में नाक से खून (नकसीर) आने की शिकायत भी सामने आ रही है। शरीर में पानी की कमी और अधिक तापमान के कारण यह समस्या बढ़ रही है, जिससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा परेशानी हो रही है।
बुजुर्ग, बच्चे और मजदूर ज्यादा प्रभावित : गुरु तेग बहादुर अस्पताल के एडिशनल मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ प्रवीण कुमार ने कहा कि इस गर्मी का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और धूप में काम करने वाले मजदूरों पर पड़ रहा है। लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर जल्दी डिहाइड्रेट हो रहा है, जिससे हालत बिगड़ रही है।
तेज धूप और लापरवाही बन रही वजह : डॉक्टरों का कहना है कि दोपहर के समय तेज धूप में बाहर निकलना, पर्याप्त पानी न पीना और सिर को ढककर न चलना इस समस्या की मुख्य वजह है। कई लोग बिना जरूरी सावधानी के घर से निकल जाते हैं, जिससे उन्हें तुरंत परेशानी होने लगती है। डॉक्टरों का कहना है कि हीट स्ट्रोक और लगातार नकसीर जैसी स्थिति को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। समय पर इलाज न मिलने पर मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। डॉक्टरों ने कहा कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें, हल्के कपड़े पहनें, सिर को ढककर रखें और दिनभर पर्याप्त पानी पीते रहें। इसके साथ ही ओआरएस, नींबू पानी और छाछ का सेवन करने की भी सलाह दी गई है।