जिहादी बनने को उकसाया जा रहा निर्भया गैंगरेप का नाबालिग दोषी
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने यह चिंता जताई है कि 2011 के दिल्ली हाई कोर्ट ब्लास्ट में शामिल नाबालिग, निर्भया गैंग रेप में दोषी नाबालिग को जिहाद में शामिल होने के लिए उकसा सकता है।
खुफिया एजेंसियों ने यह सारी जानकारी जूवेनाइल जस्टिस बोर्ड और केंद्रीय गृह मंत्रालय को दे दी है।
अंग्रेजी अखबार ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ में प्रकाशित एक खबर के अनुसार यह जानकारी मिलने के बाद दोनों युवकों को स्पेशल होम में अलग-अलग कमरों में रखा गया है ताकि वो आपस में मिल न सकें।
पिछले दिनों बढ़ गई थी मेलजोल
गौरतलब है कि दोनों दोषियों को नार्थ दिल्ली के मजनूं के टीले में स्थित एक बाल सुधार गृह में रखा गया है। दोनों युवकों के बारे में खुफिया एजेंसियों को यह पता चला कि पिछले दिनों दोनों के बीच मेल-जोल काफी बढ़ गई थी।
इन दोनों युवकों की उम्र अब 20 साल हो गई है। दोनों के मेलजोल के बारे में खुफिया एजेंसियों को जानकारी उनके फील्ड सर्वे से मिली है।
बता दें कि 2011 हाईकोर्ट ब्लास्ट में शामिल जूवेनाइल जम्मू के किश्तवाड़ का रहने वाला है। एजेंसियों को संदेह है कि वो निर्भया गैंगरेप में शामिल नाबालिग आरोपी को जेहाद के रास्ते पर ले जाने का प्रयास कर रहा है।
21 दिसंबर को पूरी हो जाएगी गैंगरेप दोषी की सजा
जानकारी के अनुसार निर्भया गैंगरेप का दोषी इस साल ही जेल से रिहा हो जाएगा। वो स्पेशल होम से 21 दिसंबर को अपनी सजा पूरी करके निकल जाएगा।
सुधार गृह के एक अधिकारी के अनुसार पिछले कुछ हफ्तों में उन्हें बातचीत करते देखा गया, लेकिन अब उनको अलग-अलग हिस्सों में रखा जा रहा है।
वहीं एक सूत्र ने बताया कि किश्तवाड़ के जूवेनाइल ने जो फोन अपने घर और दूसरे लोगों को किए उन कॉल्स को भी रिकॉर्ड किया गया था। उसे पिछले ही साल 3 साल जूवेनाइल होम में रहने की सजा मिली थी।
अफजल गुरू को फांसी न देने की दी थी धमकी
बता दें कि 7 सितंबर 2011 हुए इस बम ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हुई थी जबकि 79 लोग घायल हुए थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने यह दावा किया था कि किश्तवाड़ के जूवेनाइल ने ई-मेल भेजकर हाईकोर्ट ब्लास्ट की जिम्मेदारी ली थी।
इसके साथ ही उसने अफजल गुरू को फांसी न देने की धमकी दी थी। यह युवक कई गंभीर मामलों में शामिल पाया गया था जिनमें देश के खिलाफ युद्ध जैसी स्थिति में शामिल होने, हत्या आदि जैसे मामले शामिल थे।