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जेएनयू हिंसा : शिक्षक संघ ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र, कुलपति को पद से हटाने की मांग
Mon, 06 Jan 2020 10:42 PM IST
अवधेश कुमार
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: अवधेश कुमार
Updated Mon, 06 Jan 2020 10:42 PM IST
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय
- फोटो : AMAR UJALA
जेएनयू में हिंसा के बाद शिक्षक संघ ने राष्ट्रपति व विश्वविद्यालय के विजिटर रामनाथ कोविंद को पत्र लिखा है। इसमें संघ ने कुलपति प्रो. एम. जगदीश कुमार की शिकायत करते हुए कहा कि वे विवि को संभालने में नाकाम रहे हैं। संघ ने पूरे मामले की जांच कराने और कुलपति को पद से हटाने की मांग रखी है।
संघ अध्यक्ष प्रो. डीके लोबियाल और सचिव प्रो. सुरजीत मजूमदार की ओर से सोमवार को लिखे पत्र में राष्ट्रपति को रविवार को नकाबपोश गुंडों के हॉस्टल में जाकर मारपीट करने और शीशे तोड़ने की घटना की जानकारी दी गई है। संघ का कहना है कि कैंपस में घंटों अराजकता का माहौल रहा, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस को भी कैंपस में आने की मंजूरी साढ़े आठ बजे के बाद मिली। संघ ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय समिति से जांच की मांग रखी है।
छात्रों ने जबरन लिया दो वार्डन से इस्तीफा
साबरमती हॉस्टल में नकाबपोश गुंडों की तोड़फोड़ व मारपीट के विरोध में छात्रों ने सोमवार सुबह दो वार्डन का जबरदस्ती इस्तीफा ले लिया। छात्रों ने सीनियर वार्डन राम अवतार मीणा और प्रकाश साहू को पूरी घटना पर घेरा और जबरदस्ती इस्तीफा ले लिया। छात्रों का कहना था कि वार्डन घटना के दौरान गायब हो गए, जबकि उन्हें छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए था। छात्रों ने एक प्रस्ताव पास कर सुबह दोनों को वार्डन मानने से इनकार कर दिया। इसी के बाद उनसे जबरदस्ती इस्तीफा लिया गया।
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संघ अध्यक्ष प्रो. डीके लोबियाल और सचिव प्रो. सुरजीत मजूमदार की ओर से सोमवार को लिखे पत्र में राष्ट्रपति को रविवार को नकाबपोश गुंडों के हॉस्टल में जाकर मारपीट करने और शीशे तोड़ने की घटना की जानकारी दी गई है। संघ का कहना है कि कैंपस में घंटों अराजकता का माहौल रहा, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस को भी कैंपस में आने की मंजूरी साढ़े आठ बजे के बाद मिली। संघ ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय समिति से जांच की मांग रखी है।
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छात्रों ने जबरन लिया दो वार्डन से इस्तीफा
साबरमती हॉस्टल में नकाबपोश गुंडों की तोड़फोड़ व मारपीट के विरोध में छात्रों ने सोमवार सुबह दो वार्डन का जबरदस्ती इस्तीफा ले लिया। छात्रों ने सीनियर वार्डन राम अवतार मीणा और प्रकाश साहू को पूरी घटना पर घेरा और जबरदस्ती इस्तीफा ले लिया। छात्रों का कहना था कि वार्डन घटना के दौरान गायब हो गए, जबकि उन्हें छात्रों की सुरक्षा पर ध्यान देना चाहिए था। छात्रों ने एक प्रस्ताव पास कर सुबह दोनों को वार्डन मानने से इनकार कर दिया। इसी के बाद उनसे जबरदस्ती इस्तीफा लिया गया।
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