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खर्चे घटाओ, कमाई ब़ाढ़ाओ - भारतीय रेलवे
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sun, 20 May 2018 09:44 AM IST
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रेलवे इन दिनों खर्च घटाने और आय बढ़ाने के रास्ते ढूंढ रहा है। कई रूट ऐसे ढूंढे जा रहे हैं, जहां वातानुकूलित व स्लीपर क्लास में यात्रियों की संख्या काफी कम है। इन रूटों पर एसी कोच की संख्या घटाई जा रही है। इसकी जगह स्लीपर व चेयर कार वाले कोच लगाकर रेलवे आय बढ़ा रहा है। इसी तरह रेलवे हाईस्पीड रेल मार्गों के दोनों तरफ दीवार बनाकर उन पर विज्ञापन करके कमाई की तैयारी कर रहा है।
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रेलवे अधिकारियों के अनुसार, पिछले दिनों उत्तर पश्चिम रेलवे में दस जोड़ी ट्रेनों को चुना गया। इस जोन की ट्रेन में एसी कोच में काफी कम संख्या में यात्री सफर कर रहे थे। रेलवे ने एसी कोच की जगह इन ट्रेनों को स्लीपर व एसी चेयर कार वाले कोच जोड़कर चलाया।
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इसका परिणाम सकारात्मक मिला और कमाई भी बढ़ी। कोटा-जयपुर व अजमेर-कोटा ट्रेन में भी इस तरह का प्रयोग किया गया। प्रयोग में सामने आया कि एसी कोच की जगह चेयर कार में ज्यादा लोगों ने सफर किया।
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दूसरी तरफ, रेलवे विज्ञापन की मद से भी आय बढ़ाने की कवायद में है। पिछले दिनों रेलवे ने दिल्ली-मुंबई रूट पर फेंसिंग करने का निर्णय लिया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे ट्रेनों की रफ्तार तो बढ़ेगी ही, दीवारें सुरक्षा का काम करने के साथ कमाई का माध्यम भी बन सकती हैं। विज्ञापन से इनकी निर्माण लागत वसूलने में मदद मिलेगी। रेलवे ऐसे ठेकेदारों से बातचीत कर रहा है, जो बनी-बनाई दीवारों को ट्रैक के किनारे लगा सके।